एटा। एटा नगर पालिकाध्यक्ष, ईओ सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवार दायर किया गया है। इसमें कचहरी स्थित एक खोखे को तोड़कर सामान ले जाने का आरोप लगाया गया है। शहर के रेवाड़ी मोहल्ला निवासी परिवादी दिनेश जैन ने बताया कि कचहरी पर नगर पालिका के दो प्लॉट उनके बाबा ईशमलाल जैन के नाम आवंटित थे। उनकी मृत्यु के बाद पिता और फिर दिनेश ने फोटो स्टेट और फोटो बनाने का काम कर लिया। दिनेश ने बताया कि पालिका और प्रशासन ने 2008 में पक्की दुकान गिरा दी।
जिसके बाद उन्होंने प्लॉट में खोखा रख लिया। पालिका द्वारा परेशान किए जाने पर सिविल जज सीनियर डिवीजन में मुकदमा दायर किया। जिसमें स्टे मिला हुआ है। आरोप है कि स्टे के बावजूद पालिका ने 8 जून की रात खोखे को तोड़ दिया। उसमें रखा लैपटॉप, स्टेशनरी, काउंटर आदि उठा ले गए। उन्होंने आरोप लगाए कि पांच लाख रुपये लेकर किसी और को प्लॉट का आवंटन किया जा रहा है। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। परिवार में ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय, पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी, पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी, संपत्ति लिपिक यशवीर सिंह के अलावा पिंटू और सिंटी को पक्षकार बनाया गया है।