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Etah News: निजी धर्मकांटों पर वजन के लिए प्रति गाड़ी 10 रुपये कमीशन

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नवीन गल्ला मंडी में धान का ढेर लगा हुआ। संवाद
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एटा। नवीन गल्ला मंडी के आढ़तियों को निजी धर्मकांटा संचालक प्रति गाड़ी तौल के लिए 10 रुपये का कमीशन दे रहे हैं। इनकी मिलीभगत से जहां किसानों का शोषण हो रहा है वहीं लोगों को सड़कों पर लगने वाले जाम से जूझना पड़ रहा है।
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नवीन गल्ला मंडी के आढ़तियों ने निजी धर्मकांटा संचालकों से सांठगांठ कर प्रति वाहन की तौल पर कमीशन तय कर लिया है। निजी धर्मकांटा संचालक प्रति गाड़ी पर 10 रुपये तक का कमीशन उन्हें दे रहे हैं। कमीशन का लाभ मिलने पर आढ़ती किसानों के वाहनों का वजन कराने के लिए उन्हें निर्धारित कांटे पर ही भेजते हैं। वहां किसानों से तौल का 50 रुपये शुल्क वसूला जाता है। किसानों के आने पर उसी धर्मकांटे की तौल रशीद मांगते हैं। अगर किसी दूसरे धर्मकांटे की रशीद दी जाती है तो उसका वजन मान्य नहीं करते हैं। यहां तक कि मंडी में लगे सरकारी कांटे की तौल को भी आढ़ती नहीं मानते हैं।
मंडी में रोजाना 3 से 4 हजार वाहनों में किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। सड़क किनारे के कांटों पर तौल होने की वजह से जीटी रोड समेत अलीगंज मार्ग पर किसानों के वाहनों की लंबी कतार लगती है और जाम की स्थिति बन जाती है। जाम की वजह से अन्य लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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मंडी में धान बेचने आए हैं। आढ़ती ने एक निजी धर्मकांटे का नाम बताकर वजन कराने के लिए कहा। जब हमने दूसरे धर्मकांटे बात कही तो मना कर दिया। -श्रीपाल, मलावन
मंडी में आढ़ती अपने मन मुताबिक धान का वजन कराने के लिए उसी धर्मकांटा पर वजन करा रहे हैं जहां वह बताते हैं। अन्य धर्मकांटे की रशीद को नहीं मानते हैं। - केपी सिंह, मानपुर
मंडी के कांटों पर तौल निशुल्क की जाती है। कुछ व्यापारियों द्वारा निजी कांटों पर किसानों को भेजा जा रहा है। यह नियम विरुद्ध है। ऐसे आढ़तियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। -कपिल कुमार गुप्ता, मंडी सचिव
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नवीन गल्ला मंडी में धान का ढेर लगा हुआ। संवाद

नवीन गल्ला मंडी में धान का ढेर लगा हुआ। संवाद

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