शहर में संचालित सैकड़ों मिष्ठान भंडार, होटल्स, फास्ट फूड सेंटर्स, चाट विक्रेता, की दुकानों पर घरेलू सिलेंडर का प्रयोग किया जा रहा है। गेस्ट हाउस, मैरिज होम, अतिथि गृह में भी सरकारी नियमों को धता बताया जा रहा है। यहां आए दिन होने वाले आयोजनों में घरेलू सिलेंडर का प्रयोग किया जा रहा है। हलवाइयों की मानें तो जिले में हर माह होने वाले सैकड़ों आयोजनों में हजारों गैस सिलेंडर की खपत होती है। जिले में संचालित 16 गैस एजेंसियों पर प्रति वर्ष साढ़े सात से आठ लाख घरेलू सिलेंडर की खपत होती है। वहीं वर्ष भर में तीन हजार कामर्शियल सिलेंडर भी नहीं बिकते।
जिले में कामर्शियल सिलेंडर की खपत न्यूनतम है। ऐेसे में यह जिला प्रदेश के पांच जनपदों में एक है।
- हेमंत कुमार, सेल्स आफिसर, आईओएसी
एक से डेढ़ लाख रुपये तक प्रति आयोजन वसूलने वाले मैरिज होम, गेस्ट हाउस और पचास हजार तक कैटरिंग के लेने वाले हलवाई वाणिज्य कर कार्यालय में पंजीकृत नहीं हैं। लाखों का कारोबार करने वाले यह लोग आयकर रिटर्न भी नहीं भरते। शहर में संचालित दर्जनों मैरिज होम, गेस्ट हाउस और अन्य धर्मशाला संचालक कर नहीं देते हैं।
शहर में संचालित मैरिज होम, गेस्ट हाउस: 50
आयोजन करने वाले हलवाई-कैटरर्स: 30
घरेलू सिलेंडर पर वैट नहीं लगता। जबकि अन्य व्यवसायिक सिलेंडर पर 14.5 प्रतिशत का वैट देय है। ऐसे में घरेलू सिलेंडर की कीमत 670 डीबीटीएल और कामर्शियल सिलेंडर का मूल्य 1318 रुपये है।
ये है नियम
घरेलू सिलेंडर का प्रयोग केवल घर की रसोई में ही अनुमन्य है। बाहर या सार्वजनिक आयोजनों में इसका प्रयोग प्रतिबंधित है। यहां कामर्शियल गैस के प्रयोग के निर्देश हैं। इतना ही नहीं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक आयोजन स्थलों पर व्यवसायिक गैस के ही प्रयोग के निर्देश हैं। चेतावनी भी लिखी जाती है। इसका अनुपालन न करने पर संबंधित आयोजक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शादी, विवाह और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में घरेलू गैस का प्रयोग प्रतिबंधित है। ऐसी किसी शिकायत और प्रयोग पर संबंधित मैरिज होम, आयोजक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में कार्रवाई की जाएगी।
- अनूप कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी