रैन बसेरा न होने से शहर के बस स्टैंड पर ठंड में फर्श पर लेटकर रात गुजारते यात्री। संवाद
एटा। दिसंबर की दस्तक के साथ ही जिले में मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। बुधवार देर रात से चली तेज सर्द हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया जिससे लोगों ने ठिठुरन महसूस की। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अचानक बढ़ी सर्दी ने जहां आमजन को गर्म कपड़ों की याद दिला दी वहीं नगर पालिका और प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खोलकर रख दी है। अभी तक न तो अलाव की व्यवस्था की गई है और न ही बेघरों के लिए किसी रैन बसेरे की शुरुआत हुई है। इससे गरीब, मजदूर और राहगीर रात के समय खुले आसमान तले कांपने को मजबूर हैं। नवंबर माह में हल्की सर्दी के कारण सुबह-शाम ही ठंड का एहसास होता था जिसका असर वूलन बाजार पर भी पड़ा।
व्यापारी ग्राहकों के इंतजार में बैठे थे लेकिन खरीदारी नहीं हुई। मगर बृहस्पतिवार को मौसम ने जब करवट ली तो गर्म कपड़ों की दुकानों पर उम्मीद की किरण दिखी। व्यापारी अब दिसंबर में अच्छे व्यापार की उम्मीद कर रहे हैं। नवंबर माह में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री था। यह बढ़ा हुआ तापमान किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया था। रबी की फसलें गेहूं, मटर उच्च तापमान के कारण प्रभावित हो रही थीं।
किसानों का कहना है कि गिरते तापमान से गेहूं, मटर की बढ़वार में तेजी आएगी और पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञ एसके सिंह ने बताया कि वर्तमान मौसम रबी फसलों के लिए अनुकूल है। अब तापमान कम होने से किसान आलू को कुछ दिन तक सुरक्षित रख सकेंगे। उधर, मटर की फसल भी गर्मी से उखड़ने की स्थिति में पहुंच गई थी। गेहूं के लिए किसानों को अतिरिक्त सिंचाई करनी पड़ रही थी लेकिन ठंड ने इन सब चिंताओं को काफी हद तक दूर कर दिया है।
दिसंबर माह में सर्द हवाओं के साथ ठंड और बढ़ेगी। यह मौसम किसानों के लिए अधिक अनुकूल है मटर व गेंहू की फसलों को फायदा होगा। -एसके सिंह, कृषि वैज्ञानिक