बारिश और बदले मौसम के मिजाज ने शनिवार को ठिठुरन बढ़ाई। सुबह से ही तेज हवाओं के साथ काले बादल छाए रहे। सुबह से शाम तक बारिश होती रही। इससे तापमान भी काफी गिर गया। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर पानी भरने और कीचड़ होने से लोगों को परेशानी हुई। ठंड बढ़ने से गरीबों का बुरा हाल है। अभी तक रैन बसेरा और अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। शनिवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री, न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह चल रही ठंडी हवा लोगों को ठिठुरन का अहसास करा ही रही थीं। अचानक आई बारिश ने गलन और बढ़ा दी। सड़कों पर फिसलन हो गई, तो वहीं कई निचले इलाकों में पानी भर गया। शाम होते ही लोग भी घरों में कैद हो गए। अभी तक बक्सों में बंद रजाइयां, हीटर भी बाहर निकल आए। गर्म कपड़ों के बाजार में भी रौनक लौट आई।
गांधी और कचहरी मार्ग पर फिसलन
गांधी मार्केट से कचहरी तक नगर पालिका द्वारा सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। इसके चलते अधबनी सड़क पर बारिश के बाद फिसलन बढ़ गई। उक्त मार्ग पर पड़ने वाले पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के सामने कई बाइक सवार फिसले।
सरसों को नुकसान तो गेहूं को फायदा
जिले में हुई बारिश कुछ किसानों के लिए राहत तो कुछ के लिए आफत बनकर गई। जिले में जहां फूली हुई सरसों को नुकसान पहुंचा, तो वहीं खुद रहे आलू को भी नुकसान पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा जिन किसानों ने हाल ही में चिकनी मिट्टी में गेहूं की बुर्वाई की है, उन्हें भी काफी नुकसान पहुंचने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार चिकनी मिट्टी वाले खेतों में बारिश से खेत में मोटी परत जम जाती है। इससे गेहूं के पौधे का बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल, मटर आदि के लिए बारिश वरदान साबित होगी।
बिजली गिरने से किसान की मौत
बारिश के साथ कड़की बिजली ने शनिवार को किसान रमेश चंद्र (50) की जान ले ली। जानकारी पर पहुंचे परिवारीजन किसान को जिला अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली देहात के गांव नगला कदम निवासी रमेश चंद्र शनिवार को साइकिल से साधन समिति लालगढ़ी से यूरिया लेने गए थे। यूरिया लेकर रमेश साइकिल से घर लौट रहे थे। तभी बारिश भी शुरू हो गई। सुबह करीब 12 बजे लालगढ़ी, नगला फरीद के पास पहुंचते ही बारिश के दौरान गिरी बिजली की चपेट में आकर रमेश की मौत हो गई।