शुक्रवार को सहावर रोड पर दोपहर में छाए बादल। संवाद
एटा। मार्च महीने में लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे बीच-बीच में हल्की धूप निकली लेकिन मौसम के अनिश्चित तेवरों ने खेतों में खड़ी पकी फसलों पर संकट के बादल खड़े कर दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है। किसान खेतों में मशीनों और मजदूरों की व्यवस्था में जुटे हुए हैं जिससे समय पर कटाई हो सके। लेकिन सुबह से छाए बादलों व तेज हवाओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। किसान विवेक कुमार, अर्जुन तिवारी, अंशुल वर्मा का कहना है कि इस समय बारिश या तेज़ हवा चलने से गेहूं की बालियां झुक सकती हैं जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।
मौसम परिवर्तन से किसानों की बेचैनी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल की कटाई प्रभावित होगी। बारिश होने से कटे हुए गेहूं का दाना काला पड़ने का खतरा रहता है वहीं नमी बढ़ने से थ्रेसिंग भी मुश्किल हो जाती है। गांव गुमानपुर निवासी किसान प्रभुदयाल, लालताप्रसाद तिवारी ने कहा कि मौसम प्रतिदिन बदल रहा है। रात में मौसम ठंडा रहता है शुक्रवार को बादल छाए रहने से व हवा से चिंता हो रही है। ऐसे में हम तय नहीं कर पा रहे कि कटाई शुरू करें या दो-तीन दिन और इंतज़ार करें।
इसी तरह किसान नितिन तिवारी ने बताया कि अगर हल्की बारिश भी हो गई तो मेहनत पर पानी फिर सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कृषि मौसम विज्ञान केंद्र अवागढ़ प्रभारी एसके सिंह ने कहा कि मौसम में परिवर्तन लगातार बना रहेगा कुछ जगह बूंदाबांदी की संभावना है। इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन किसान कटे हुए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल खेतों में खड़ी फसलों के बीच मौसम की हर हलचल पर किसान की नजरें टिकी हुई हैं।