विधानसभा चुनाव के नामांकन शुरू हैं। वोट डालने की तारीख भी नजदीक आ रही है। इसी के साथ जन-जन की जुबान पर चुनावों की ही चर्चा है। खेत-खलिहान, चौबारे, अलाव, दुकान, स्कूल, बाजार...जहां भी चार लोग इकट्ठा हुए, चुनावी चौपाल सज जाती है। लोग किन मुद्दों पर वोट देंगे। कैसा चाहते हैं जनप्रतिनिधि...सभी पर लोग बेबाक राय रख रहे हैं।
स्तंभकार इस्सन खां ने कहा कि जिले में विकास का पहिया हमेशा से रुका रहा है। नेता वोट मांगने के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद भूल जाते हैं। अब चुनावों में प्रत्याशी को परखकर ही मत देंगे। रंगकर्मी राजकुमार कहते हैं कि अब जनता का समय है। विकास के साथ सुरक्षा सबसे अहम है। महिला शिक्षा, सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले को मत मिलेगा। जनता अब जाति के आधार पर किसी को वोट नहीं मिलेगा।
रिटायर्ड प्रोफेसर डा. स्वयं प्रकाश गौड ने कहा कि चुनावों को लेकर वोट मिलने वाला नहीं है। नेता वहीं, जो जनता की सुने। स्थानीय समस्याओं के निस्तारण को फिक्रमंद नजर आए। उसे ही वोट दिया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश यादव ने कहा कि भय मुक्त समाज आज के लोगों की पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा आम जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई जैसी समस्याओं से भी निजात चाहती है। पान व्यापारी अनवार हुसैन ने कहा कि व्यापारियों के लिहाज से जो प्रत्याशी सकारात्मक पहल करेगा, उसे मत देंगे। सुरक्षित व्यापार और गुंडागर्दी खत्म करने वाला ही हमारा नेता चुना जाना चाहिए।