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इंसानियत शर्मसार: पिता के बाद HIV संक्रमित मां की माैत, शव उठाने के लिए खड़ा रहा बच्चा; अपनों ने बंद किए फोन

Fri, 16 Jan 2026 08:49 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

उत्तर प्रदेश के एटा जिला में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एचआईवी संक्रमित मां की माैत के बाद 10 साल का बेटा शव को कंधा देने के लिए अपनों का इंतजार करता रहा लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। रिश्तेदारों ने फोन तक बंद कर लिए। ऐसे में पुलिस प्रशासन मदद के लिए आगे आया।
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मां के शव को कंधा देने के रिश्तेदारों का इंतजार करता रहा बालक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एचआईवी पीड़ित महिला की माैत के बाद अंतिम संस्कार के लिए न घरवाले पहुंचे और न ही मायके वाले। पोस्टमार्टम हाउस पर मां के शव को उठाने के लिए 10 वर्षीय बेटा अपनों की राह देखता रहा मगर कोई नहीं आया। सबने फोन बंद कर लिए। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना बृहस्पतिवार की है। बेसहारा भाई-बहन की मदद के लिए पुलिस आगे आई। शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृतका के पति की भी एक वर्ष पहले एचआईवी से मौत हो चुकी है।
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रोते हुए मृतका के बेटे ने बताया कि वह जैथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहता है। एक साल पहले सिर से पिता का साया उठा, अब मां भी दुनिया से चली गई। मैं और मेरी 17 वर्षीय बहन बेसहारा हो गए हैं। बेटे ने बताया कि मां काफी समय से बीमार थी। तबीयत बिगड़ने पर पांच दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह उनकी मौत हो गई।

बच्चे ने रोते हुए कहा, एचआईवी से पिता की मौत और मां के भी संक्रमित होने पर परिवार ने उनसे दूरी बना ली। मां की मौत की सूचना देने पर संवेदना जताना तो दूर किसी ने जवाब तक नहीं दिया। कोई आया भी नहीं। ननिहाल वाालें को भी सूचना दी मगर वहां से भी कोई नहीं आया। मृतका के बेटे ने कहा कि उसकी व बहन की जान को खतरा है। उन्हें मारने की धमकी दी जा रही है। ऐसे में दोनों को असुरक्षा का डर सता रहा है।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने भी परिजन व ननिहाल पक्ष से संपर्क करना चाहा लेकिन सबके फोन बंद मिले। थाना प्रभारी जैथरा रितेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार पुलिस की ओर से कराया जाएगा। इसके अलावा बालक की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

परिजन करते थे अछूतों जैसा व्यवहार
बालक ने रोते-रोते पुलिस को बताया कि माता-पिता के एचआईवी संक्रमित होने की वजह से गांव में परिवार के साथ अन्य लोग भी अछूतों जैसा व्यवहार करते थे। नल से पानी तक नहीं भरने देते थे और कोई घर पर भी नहीं आता-जाता था।

 
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चाइल्ड हेल्पलाइन ने संरक्षण देने की बात कही
महिला की मौत के बाद जिला प्रशासन को जानकारी मिली तो पुलिस ने जहां अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली, वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन, प्रोबेशन विभाग सहित अन्य विभागों की टीमें पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गईं। अनाथ बच्चों की देखभाल और भविष्य को देखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन ने संरक्षण में लेने की बात कही।

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