एटा। बुखार का प्रकोप जारी है, जो जानलेवा भी होता जा रहा है। बुधवार सुबह 4 माह के एक बच्चे की मौत बुखार से हो गई। जबकि 3 बच्चे मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं।
बुखार के मरीजों से मेडिकल कॉलेज का मेडिसिन वार्ड फुल है। वहीं बच्चा वार्ड में भी 15 बच्चे बुखार के पीड़ित भर्ती हैं। बुधवार को सुबह से बारिश हो रही थी। इसके बावजूद 1000 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें से मेडिसिन विभाग में 275 मरीज उपचार को गए। 90 मरीज बुखार के रहे। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार के मरीज बढ़े हैं। वायरल बुखार लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
बुधवार सुबह गांव कीलरमऊ निवासी सनी अपने 4 माह के बेटे आशू को लेकर कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां चिकित्सक ने उसे मृत बता दिया। सनी ने बताया कि बेटे को मंगलवार की शाम को बुखार आया था। दवा दिलाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर यहां लेकर आए थे। वहीं, बुधवार को गांव नगला सइया में 4 माह का हरिओम, काशीराम कालोनी में 7 माह का हिमांशू, ककरावली में 8 माह के आदर्श को मलेरिया निकला। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तीनों बच्चों का उपचार शुरू किया।
यह बरतें सावधानी
- गले में खरास होने पर गुनगुना पानी पीएं और पौष्टिक भोजन लें।
- ठंडे खाद्य पदार्थ, बाजार का भोजन तले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
- वायरल बुखार और खांसी होने पर मास्क का प्रयोग करें और खुद को लोगों से अलग रखने का प्रयास करें।
- घर में रखी पुरानी दवा व कफ सीरप का सेवन बिना डॉक्टर के परामर्श के न करें।
- एसी, कूलर का प्रयोग करने से बचें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनकर सोएं।