एटा। कस्बा जैथरा में 11 मार्च को चिकित्सक के क्लीनिक पर दवा पिलाने के चंद मिनटों में बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में अदालत ने संबंधित डॉक्टर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
जैथरा के मोहल्ला बढ़ैयान निवासी आरोपी अरविंद कुमार ने अदालत में अपनी जमानत याचिका प्रस्तुत की। रंजिश के चलते झूठा मामला दर्ज कर फंसाए जाने की दलील दी। इसका विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी द्वारा दवा पिलाने के चंद मिनटों में ही वादी सचिन कुमार का बेटा मर गया। आरोपी पर चिकित्सा का अधिकार नहीं है। दोनों पक्षों की जिरह को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
तथ्यों से उजागर हुआ कि आरोपी का क्लीनिक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा 2022 में सील कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी क्लीनिक को खोलकर लोगों का उपचार कर रहा था।