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अव्यवस्था: हाथ में ड्रिप लेकर चक्कर काटती रही मरीज

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मुकेश जैन ।संवाद - फोटो : ETAH
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सकीट। गर्मी और धूप के बीच सफर तय करने वाले राहगीरों की प्यास देख कस्बा निवासी किराना व्यवसायी मुकेश चंद्र जैन जलदानी बन गए और प्यास बुझाने का संकल्प लिया। जिसके बाद जरूरत वाले स्थानों पर हैंडपंप लगवाना शुरू कर दिया। अब तक करीब 100 हैंडपंप कस्बा व आसपास लगा चुके हैं।
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सकीट विकासखंड क्षेत्र में पेयजल मिलना सुगम नहीं है। यहां के कई गांवों में भूगर्भ जल खारा है। घरों में कम गहराई पर लगाए जाने वाले हैंडपंपों से खारा पानी निकलता है, जो पीने लायक हरगिज नहीं होता। ऐसे में जहां स्थानीय लोगों के सामने समस्या रहती है। वहीं राहगीरों को भी रास्तों में पानी मिलना आसान नहीं होता। इसके अलावा सकीट ब्लॉक क्षेत्र में ऊसर जमीन की भी समस्या है।
जहां खेती नहीं हो पाती। ऐसे में किसानों की आय काफी कम है और वह अपने पेयजल संसाधन जुटाने में सक्षम नहीं है। क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए कस्बा के मोहल्ला पीपल टोला निवासी मुकेश चंद्र जैन सहारा बने हुए हैं। दस साल से वह ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में हैंडपंप लगवा चुके हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है।
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शादी के बाद पत्नी से मिली प्रेरणा
बचपन से ही मानव सेवा में रुचि रखने वाले समाज सेवक मुकेश जैन ने बताया कि पत्नी आशा जैन के मन में यह विचार आया था। उन्होंने कहा था कि आप एक गांव में कम से कम पांच पांच नल जरूर लगवा दें। जिससे गांव ही नहीं बाहर से आने वाले राहगीरों की मदद होगी और वह आपको आशीष देंगे। पत्नी की उस प्रेरणा से कई गांव में हैंडपंप लगवाए हैं।
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