मांगों को लेकर रविवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेतृत्व में किसानों ने आसपुर चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से एकत्रित किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर-टायर सड़क पर डालकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। दो घंटे तक रहे जाम में जीटी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन आंदोलनकारी किसान अड़े रहे। जिलाध्यक्ष रामनिवास सिंह चौहान के नेतृत्व में आंदोलनकारी नारेबाजी कर रहे थे। दो घंटे तक रहे जाम से यातायात व्यवस्थाएं चरमरा गईं। वाहनों में फंसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद मौके पर पहुंचे सदर विधायक आशीष यादव, उपजिलाधिकारी संजीव कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक सकीट ने आंदोलकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। इस अवसर पर आक्रोशित किसानों ने शासन प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रामनिवास सिंह, प्रेम सिंह वर्मा, अंगूरी देवी, अनिल सिंह, रामौतार सिंह, रामपाल सिंह मौजूद रहे। अवागढ़ में जिनावली गांव पर किसानों ने जाम लगाकर आगरा-एटा मार्ग को एक घंटे तक अवरुद्ध कर दिया। थानाध्यक्ष संजीव शर्मा को सौंपे ज्ञापन में केन्द्र और प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के साथ ही यमुना की साफ सफाई, किसान आयोग का गठन, किसानों के कर्ज की माफी, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र करने की मांग की। गांव जिनावली पर जिला महामंत्री दीपेन्द्र सिंह, बबलू ठाकुर और अवागढ़ में मंडलाध्यक्ष तेज सिंह वर्मा के नेतृत्व जाम लगाया गया। इस मौके पर संजय सिंह, उमेश प्रताप, पवन ठाकुर, मटरू सिंह, गपेंद्र सिंह, बंटू ठाकुर, राधे सिंह, वीपी सिंह मौजूद रहे।
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ये हैं किसानों की प्रमुख मांगे
- साठ साल पूरी कर चुके किसानों को पांच हजार रुपये मासिक की पेंशन।
- मजदूर और किसान दुर्घटना बीमा को दस लाख रुपये किया जाए।
- टीटीजेड क्षेत्र में 24 घंटे एवं अन्य में 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति की जाए।
- किसानों के सभी कर्जों को माफ किया जाए।
- मनरेगा मजदूरों को तत्काल मजदूरी दी जाए।
- भूमि अधिग्रहण पर समुचित मुआवजा दिया जाए।