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UP: करंट से हुई युवक की माैत...जवाहरपुर तापीय परियोजना स्थल पर हंगामा, पूर्व विधायक सहित 150 पर मुकदमा

Tue, 20 May 2025 07:09 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट में काम करते समय युवक की करंट लगने से माैत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
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Fir demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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एटा के थाना मलावन क्षेत्र में स्थित जवाहरपुर तापीय परियोजना स्थल पर शनिवार को काम करते समय एक युवक करंट लगने से झुलस गया। गंभीर हालत में आगरा ले जाया गया, वहां उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने शव को प्लांट परिसर में रखकर हंगामा करते हुए मुआवजे की मांग की। परिजन के साथ पहुंचे पूर्व विधायक अजय यादव सहित 150 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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मलावन थाना प्रभारी रोहित राठी ने रिपोर्ट में लिखाया है कि 17 मई को जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट में काम करते समय नगला भूपाल निवासी पंकज को करंट लग गया। आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। थाना हरी पर्वत कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने पंकज के शव का पोस्टमार्टम कराया। 18 मई को भाई रामकिशन उर्फ रामू, दीपक यादव व अन्य लोग शव को लेकर प्लांट के मेन गेट पर पहुंच गए।

इसी समय पूर्व विधायक अजय यादव निवासी रेवाड़ी थाना सकीट और इसी गांव के राजेश यादव भी मौके पर पहुंच गए। बैरियर को हटाकर जबरन घुसने का प्रयास करते हुए थाना प्रभारी जेपी अशोक व उनके साथ लगे अन्य सिपाहियों को धक्का देकर गिरा दिया और अंदर घुस गए।
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आरोप है कि इन लोगों के नेतृत्व में भीड़ निषिद्ध एरिया के अंदर भी घुस गई, इसकी वजह से कर्मचारियों व अधिकारियों में भगदड़ मच गई और अराजकता की स्थिति पैदा हो गई।
संवेदनशील जवाहरपुर तापीय पावर प्लांट की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। 

इसके बाद उच्च अधिकारियों को बताया गया, तब अतिरिक्त पुलिसबल मौके पर पहुंचा और स्थिति को सामान्य किया गया। इन लोगों की ओर से किए गए कार्य के चलते सरकारी काम में बाधा पहुंची है और कर्मचारियों व अधिकारियों के मध्य डर पैदा हुआ है। इसकी वजह से इन पर कार्रवाई किया जाना जरूरी है।

पूर्व विधायक अजय यादव ने बताया कि लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ थे, उनके लिए न्याय की बात कर रहे थे। ऐसे मामलों में जनहित के लिए मुकदमों की परवाह नहीं करते हैं। मौके पर कुछ पुलिस अधिकारियों का रवैया अमानवीय था। पीड़ित परिवार पर ही मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रहे थे। 

सीओ सकीट कीर्तिका सिंह ने बताया कि इन लोगों की ओर से किए गए कृत्य की वजह से पावर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों के अंदर असुरक्षा की भावना पैदा हो गई। इसके कारण यह लोग डर गए और हर ओर अफरा-तफरी मच गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
 
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