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Etah News: अभियानः जर्जर इमारतों में जान जोखिम में डाल बुलंद भविष्य के सपने गढ़ रहे नौनिहाल

Fri, 24 Jul 2026 11:10 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय होली गेट जर्जर होने से बरामदे में पढ़ते बच्चे। संवाद
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एटा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों की दशा और दिशा दोनों ही बदहाल बनी हुई हैं। जिन स्कूलों में रंग-रोगन कराकर खामियों को छिपाने की कोशिश की गई है, बारिश में टपकती छतों और दरकती दीवारों के साथ जर्जर भवनों ने उनकी पोल खोल दी। मरम्मत न होने के कारण कई स्कूलों में लिंटर की गिट्टी और सरिया तक दिखाई देने लगे हैं, जहां मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं। हालत यह है कि अगर एक भी जर्जर विद्यालय की छत गिरती है तो दूसरे कक्ष भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। शिक्षक मजबूरन विद्यार्थियों को बरामदे में विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ा रहे हैं।
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दृश्य -1ः प्राथमिक विद्यालय होली गेट
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय होली गेट में पूर्वाह्न 11ः15 बजे पहुंचे। यहां पर बच्चे बरामदे में स्टूल पर बैठकर पढ़ते मिले। विद्यालय में चार कमरे हैं। एक की छत का प्लास्टर पूरी तरह से टूट चुका है। बरामदे में भी बारिश के दौरान पानी टपकता है। कक्षा एक से पांच के बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जो कि जर्जर हो चुकी है। विद्यालय का भवन 1954 में बना था। प्रधानाध्यापक तबस्सुम खान ने बताया कि मरम्मत के लिए बीएसए कार्यालय में कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। उसके बाद भी विद्यालय की मरम्मत नहीं हो रही है।

- विद्यालय में कुल 71 बच्चों का नामांकन है।
- विद्यालय में 1 शिक्षामित्र और एक प्रधानाध्यापक हैं।

- विद्यालय में एक भी सहायक अध्यापक नहीं है।


दृश्य-2ः जर्जर बरामदे में पढाई और मिड डे मील खा रहे विद्यार्थी
अलीगंज। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दहेलिया पूठ का जर्जर भवन बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पूर्वाह्न 11ः30 बजे यहां पर विद्यार्थी बरामदे में मिड डे मील खाते हुए मिले। बारिश होने की वजह से बरामदे से लेकर कक्षा तक पानी टपकता है। इसके साथ ही छत से प्लास्टर टूट रहा है। पढ़ने वाले विद्यार्थी अडर के साए में रहते हैं। विद्यालय के समय उनकी निगाहें सिर्फ विद्यालय की छतों पर रहती हैं। विद्यालय का निर्माण 1954 में हुआ था। इसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं हुई है।
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- विद्यालय में कुल 86 छात्र-छात्राओं का नामांकन था।

- विद्यालय में दो शिक्षामित्र और दो सहायक अध्यापक हैं।
- यहां प्रधानाध्यापक तैनात नहीं है।


बोले अभिभावक...
परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों को पढ़ाना किसी खतरे से खाली नहीं है। कई सालों से विद्यालयों की मरम्मत नहीं होने से छत से प्लास्टर टूट कर गिरता है। अधिकारी भी विद्यालयों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- दीपक, अलीगंज
विद्यालय में कक्ष से लेकर बरामदे में भी पानी टपकता है। बारिश होने के बाद बच्चों को इधर-उधर बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। कई बार इस संबंध में बीएसए कार्यालय में मरम्मत के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं।
- प्रफुल्ल, दहेलिया पूठ
वर्जन
जिन विद्यालयों में बारिश में छत से पानी टपकता है। उन विद्यालयों के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया गया है बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर पढ़ाई कराए। वहीं जर्जर विद्यालयों के प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।
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- अनुपम अवस्थी, बीएसए

नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय होली गेट जर्जर होने से बरामदे में पढ़ते बच्चे। संवाद

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