एटा। ऐसा लगता है जैसे जिले की खराब सड़कों को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के आदेशों का यहां के अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए बार-बार अभियान चलाया जाता है। इसके बाद भी यहां की कई सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पा रही हैं।
एटा-गंजडुंडवारा मार्ग करीब एक दशक से जर्जर है। राहगीरों के साथ ही इस मार्ग के किनारे स्थित गांवों में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। यह मार्ग एटा जिला मुख्यालय से लेकर जिले की सीमा तक पूरी तरह जर्जर हो चुका है। लगभग 16 किलोमीटर के इस रास्ते को पार करने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। खराब रास्ते की वजह से आपात कालीन समय में एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है। इसकी वजह से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि प्रदेश के मुखिया का कहना है कि प्रदेश में कहीं भी सड़क में गड्ढा नहीं दिखना चाहिए। लेकिन एटा में इस आदेश का कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। एटा-गंजडुंडवारा मार्ग के साथ ही जीटी रोड, रेलवे रोड सहित कई और रास्ते ऐसे हैं, जहां सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इन गड्ढों को बंद करने को लेकर अधिकारियों का कहना है कि बरसात बंद होने पर मरम्मत कराई जाएगी। लेकिन कई दिनों तक बरसात न होने पर भी ये गड्ढे नहीं भरवाए जाते।
पूरी तरह कभी नहीं बनी सड़क
देखते-देखते कई साल हो गए, एटा-गंजडुंडवारा मार्ग की सड़क कभी भी पूरी तरह से नहीं बनी। इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है। बरसात के समय विद्यालय जाने वाले बच्चे गिरते हुए दिखाई देते हैं। - निशांत भारद्वाज, पीपल अड्डा
सड़क खराब होने की वजह से दुकान में पूरे दिन धूल-मिट्टी आती रहती है। जिसकी वजह से बीमार होने का खतरा बना हुआ है। पता नहीं कब तक ये सड़क बन पाएगी। कई बार सुन चुके हैं कि जल्दी बनेगी। - गौरव पाठक, पटियाली गेट
एटा-गंजडुंडवारा मार्ग का मरम्मत कार्य बरसात बंद होने के बाद ही प्रारंभ हो पाएगा। अन्य स्थानों पर जो गड्ढे हैं उन्हें जल्द ही बंद कराया जाएगा। - मुनेशवीर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी