एटा। शासन की ओर से रक्षाबंधन पर महिलाओं को नि:शुल्क यात्रा कराने की सौगात दी गई थी, लेकिन कोरोना के खौफ के चलते बसों में महिलाओं और अन्य यात्रियों की संख्या कम दिखी। बस स्टैंड पर सोमवार को कई घंटे इंतजार के बाद चालक अपनी बसों में कुछ यात्रियों को ही लेकर रवाना हुए।
रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनें रक्षासूत्र बांधने के लिए भाइयों के घर जाती हैं। इस बार कोरोना के चलते स्टैंड और बसों में महिलाओं की संख्या बहुत ही कम रही। बसों को गंतव्य तक ले जाने के लिए चालकों और परिचालकों को स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड प्रभारी अजयपाल यादव ने बताया कि त्योहार पर यात्रियों की संख्या बहुत कम है।
घंटों इंतजार के बाद कुछ यात्रियों के साथ बसों को रवाना किया गया। यात्रियों में कोरोना वायरस का खौफ दिख रहा है। बस स्टैंड पर जिस रूट के यात्रियों की संख्या अधिक थी, उसी रूट की बसों को तुरंत ही रवाना किया गया।
वर्कशॉप से निकलीं 73 बसें
रक्षाबंधन के त्योहार पर यात्रियों को कोई दिक्कत न हो। इसके लिए सोमवार को वर्कशॉप से 73 बसें निकाली गईं। जहां दोपहर तक बस स्टैंड से 33 बसें ही रवाना हो सकीं थीं। एटा डिपो से दिल्ली अधिकतर बसें भेजी जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं रहा। दिल्ली भेजी जाने वाली बसों की संख्या कम रही। अधिकतर बसें छोटे रूट पर ही दौड़ाईं गईं।