एटा। एटा-कासगंज को रेल लाइन से जोड़ने का प्रस्ताव ही नहीं, बजट भी मंजूर हो चुका है, लेकिन इसे जारी नहीं किया जा रहा। जिसके चलते यह नई रेल लाइन अधर में है। इसको लेकर राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री काउंसिल के सदस्य ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर बजट की मांग की है।
एटा से कासगंज तक रेल लाइन के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। अरसे बाद इसे 2017 में सरकार ने मान भी लिया। बजट में इस लाइन के लिए मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए करीब 277 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया। जिसके बाद जिले के लोगों में काफी खुशी थी। कयास लगा रहे थे कि जल्द ही बजट मिल जाएगा और इस लाइन पर काम शुरू हो जाएगा। लेकिन इंतजार देखते-देखते करीब आठ साल बीतने को आए हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने इसके लिए बजट नहीं दिया। ऐसे में इस लाइन के लिए काम शुरू नहीं हो पाया।
कासगंज, बदायूं और बरेली के स्टेशन से हो जाएगा संपर्क
राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री काउंसिल, रेल मंत्रालय रेलवे बोर्ड नई दिल्ली के सदस्य श्रीकृष्ण गौतम ने ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजा है। बताया है कि इन नई रेल लाइन के निर्माण से आगरा एवं टूंडला रेलवे स्टेशनों का सीधा जुड़ाव एटा होकर कासगंज, बरेली व बदायूं जिले के उझानी स्टेशन से हो जाएगा। इस पिछड़े क्षेत्र को रेल यातायात सुलभ होगा। विकास के नए द्वार खुलेंगे और लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।