एटा। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकें। इसके लिए एनएचएम में करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई। जिले में बजट खर्च ही नहीं हो रहा है। इसको लेकर राज्य स्तरीय टीम ऑडिट करने का आ रही है। जहां बजट को लेकर जानकारी की जाएगी।
जनपद में तरल ऑक्सीजन प्लांट के लिए 60 लाख, पीकू वार्ड बनाने के लिए 50 लाख रुपये सहित अंधता निवारण व एमएचएम के माध्यम से चलने वाले अन्य कार्यक्रमों के लिए बजट दिया गया। इस वित्तीय वर्ष को बीतने में डेढ़ माह का समय बचा है, लेकिन बजट खर्च नहीं हो रही है। राज्य स्तर पर इसकी समीक्षा हुई। सवाल-जवाब भी किए गए। इसके बाद टीम को जिले में पड़ताल करने के लिए भेजा गया है। टीम बुधवार की शाम को जिले में पहुंच जाएगी। जहां एनएचएम के माध्यम से चलने वाले कार्यक्रमों की पड़ताल करेगी।
इसके अलावा टीम देखेगी कि किस कार्यक्रम में कितना बजट दिया गया था, क्यों नहीं खर्च हो पाया? सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि पीकू वार्ड सहित तरह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की धनराशि मेडिकल कॉलेज को दी गई है, लेकिन अब तक यह दोनों कार्य हो नहीं पाए हैं। इसके अलावा अन्य कार्य हैं जिनमें धनराशि खर्च नहीं हो पाई है। टीम बुधवार की शाम को पहुंचेगी और बृहस्पतिवार को जांच करेगी।