एटा। बसपा में इन दिनों उठापटक का दौर जारी है। भरोसेमंदों को ही पार्टी से बाहर किया जा रहा है। इसे लेकर स्थानीय पदाधिकारी भी असमंजस में हैं। मंगलवार को उन्हें अलीगढ़ मंडल बैठक में बुलाकर मजबूती का पाठ पढ़ाया। लक्ष्य है कि आकाश के संपर्क वालों पर नजर रखते हुए हर कदम फूंककर रखा जाए।
उत्तराधिकारी की घोषणा के बाद जब मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया था तो पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भी आकाश के लिए विश्वास बढ़ने लगा था। लेकिन अचानक राष्ट्रीय अध्यक्ष के यू टर्न से सभी हैरत में हैं। इस क्षेत्र में आकाश का प्रभाव बहुत अधिक नहीं है लेकिन पार्टी से निष्कासन के बाद वह प्रभाव डाल सकते हैं। इस आशंका के मद्देनजर बसपा ने अभी से काम करना शुरू कर दिया है। फैसला आने के अगले ही दिन मंगलवार को अलीगढ़ में मंडल स्तरीय बैठक बुला ली गई। इसमें अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा जिले के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारियों को बुलाया गया। पार्टी की मजबूती के बहाने एकजुटता पर जोर दिया गया।
बसपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि मंडल बैठक में विशेष तौर पर बूथ और सेक्टर समितियों के गठन पर जोर रहा। जोन प्रभारी सूरज सिंह ने सभी को मायावती के आदेश के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए। आगामी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने पर जोर दिया।