शैक्षिक उन्नयन के लिए विकास खंड निधौली कलां पर शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बच्चों और शिक्षक के बीच संबंध को बताया, तो शिक्षकों को उनके कर्तव्य याद दिलाए।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसएस यादव ने कहा कि शिक्षक शिक्षा की धुरी है। शिक्षक के बिना शिक्षा व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हो सकतीं। विशिष्ट अतिथि उप बेसिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि विद्यालय परिसर व शौचालय की साफ सफाई कर बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। अध्यक्षता कर रहीं खंड शिक्षा अधिकारी डा. वंदना सैनी ने कहा कि शैक्षिक गतिविधियों के साथ ही शिक्षणेत्तर गतिविधियों में भी रुचि लेनी चाहिए। ताकि बच्चों का संपूर्ण विकास हो। शासन की योजनाएं नि:शुल्क पुस्तक वितरण, यूनिफार्म वितरण, खेल कूद आदि भी अनिवार्य रूप से लागू की जाएं। सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षण कार्य में लगी शिक्षिका ममता वर्मा व राजपाल सिंह को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सहयोग से बीएसएस यादव ने प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। संचालन विश्वनाथ सिंह ने किया। इस मौके आदर्श कुमार, प्रवेश बघेल, दिनेश कुमार, एनपीआरसी राम निवास पाल, राजकुमार पाराशर, प्रीति बैस, छत्रपाल सिंह, नरेन्द्र प्रताप सिंह, औसान सिंह, महेश बाबू आदि मौजूद रहे।