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Etah News: परचून की दुकान पर परिषदीय स्कूलों की पुस्तकें मिलीं

Sun, 18 Jan 2026 11:07 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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जलेसर में परचून की दुकान पर पुस्तकें बेचता कबाड़ी। संवाद
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जलेसर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मुफ्त दी जाने वाली चालू पुस्तकों काे कबाड़ में बेच दिया गया। करीब तीन क्विंटल पुस्तकें बोरों में भरकर नगर के आगरा चौराहे पर एक परचून की दुकान पर बेची गईं। ये चालू शैक्षिक सत्र की ही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की इस बड़ी लापरवाही पर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को उपलब्ध कराने वाली पुस्तकें कबाड़ की दुकान पर कैसे पहुंचीं यह एक बड़ा सवाल है।
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केंद्र और राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध करा सभी को शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रही है। नगर क्षेत्र में सरकार की पुस्तकें बच्चों को बांटने की बजाय उनको छह रुपये किलो के हिसाब से कबाड़ की दुकान पर बेची जा रही हैं। परचून की दुकान पर कबाड़ व्यावसायी द्वारा बेची गई पुस्तकों में मंजरी, कृषि विज्ञान, एलिमेंट्री, गणित सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों की किताबें हैं जिन पर उत्तर प्रदेश सरकार का मोनोग्राम और कोड दर्ज है जो इसी वर्ष का है। यहां से इन पुस्तकों के कागजों का सामान की बिक्री में इस्तेमाल किया जाता है।
दो वर्ष पहले भी कबाड़ में मिली थीं पुस्तकें
कबाड़ की दुकान पर थोक में परिषदीय विद्यालयों की पुस्तकों के मिलने का मामला यह पहला नहीं है। दो वर्ष पहले वर्ष 2022-23 में एक कबाड़ की दुकान पर परिषदीय विद्यालयों की 1268 पुस्तकें मिली थीं। इससे पहले 500 से अधिक पुस्तकें एक चाट वाले से बरामद हुई थीं जो चाट-पकौड़ी में पुस्तकों के पन्ने का उपयोग कर रहा था। इन मामलों की जांच का अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है।
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नगर क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है। एक साल पहले भी नगर में पुस्तकें मिली थीं जिनका नगर क्षेत्र के विद्यालयों से कोई संबंध नहीं था। कबाड़ की दुकान पर परिषदीय विद्यालय की पुस्तकें कहां से आईं, इस बारे में अभी कुछ नहीं बोल सकते। -पवन कुमारी, खंड शिक्षा अधिकारी
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