अधिवक्ता ने पांच बार जान देने का प्रयास किया। तीन बार तो नहर में कूदा और एक बार ट्रेन के आगे भी छलांग लगाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार उसे किसी न किसी ने बचा लिया। छठवीं बार परिवार के लोगों की नजरों से बचकर फंदे पर लटक कर जान दे दी।
एटा के थाना कोतवाली नगर के मोहल्ला शास्त्री नगर में एक अधिवक्ता जीवन से इस कदर दुखी था कि जान देने की जिद हावी हो गई। उसने पांच बार जान देने का प्रयास किया, लेकिन कई बार मौत छूकर निकल गई। छठवीं बार अधिवक्ता फंदे पर लटक गया। इस बार मौत अधिवक्ता की जान लेने से नहीं चूकी। बताया गया है कि अधिवक्ता पिछले दो वर्षों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसी वजह से जान देने का प्रयास कर रहे थे।
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शहर के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी सुनील भारद्वाज ने बताया कि चाचा कृष्ण कुमार भारद्वाज (75) मानसिक रूप से बीमार रहते थे। पिछले 2 वर्षों से वह कुछ ज्यादा ही परेशान थे। उनका उपचार कानपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां से चल रहा था। सोमवार को वह बिना किसी को बताए कमरे में चले गए। बताया रात को लगभग 12 बजे उन्हें फंदे पर लटका देखा। तत्काल उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां चिकित्सक ने उनको मृत बता दिया।
भतीजे सुनील ने बताया कि चाचा जबसे मानसिक रूप से बीमार हुए हैं। वह कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। कभी सुन्ना तो कभी कमसान और अर्थरा नहर के पुल से कूदने का प्रयास किया। मगर हर बार किसी न किसी तरीके से उनको बचा लिया गया। सोमवार की रात को पता नहीं कैसे चाचा ने फंदा लगा लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थाना प्रभारी अरुण पंवार ने बताया कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर आती है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।