गुरुवार को किसान नेता की रिहाई और मुआवजा की मांग को लेकर एकत्रित हुए हजारों किसानों के दृढ़ संकल्प के आगे प्रशासन झुक गया। शाम को भाकियू के प्रदेश महासचिव अखिल यादव व उनके साथी को रिहा कर दिया गया।
बता दें कि किसान नेता की रिहाई को लेकर भाकियू (टिकैत गुट) के बैनर तले कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा आसपास के जिलों के किसानों ने भी भाग लिया। महापंचायत को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। इसके चलते किसानों के वाहनों को शहर के बाहर ही रोक दिया। महापंचायत में हजारों किसान एकत्रित हुए।
मचुआ रजबहा के सफाई कार्य को रोक देने पर अखिल यादव के जेल भेजने के विरोध में गुरुवार को महापंचायत आयोजित हुई। प्रशासन की नाकेबंदी के बाद भी किसानों के हौंसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने इस कार्रवाई पर प्रशासन को मंच से खूब खरीखोटी सुनाई। दोपहर तक कोई प्रशासनिक अधिकारी वार्ता करने न पहुंचने पर किसानों में गुस्सा बढ़ने लगा। किसानों का गुस्सा देख प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह को वार्ता के लिए भेजा गया। यहां भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैट से एसडीएम की बात हुई।
किसान नेता की बिना शर्त रिहाई पर एक बार फिर पहले की तरह बात अटक गई। इसके बाद संगठन ने शुक्रवार से जेल भरो आंदोलन का ऐलान कर दिया और कहा कि शुक्रवार से किसान महिला व पशुओं के साथ थाने में अपनी गिरफ्तारी देंगे। मंच से इसका ऐलान होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों का दौर शुरू हुआ। मंथन के बाद प्रशासन ने अखिल यादव की रिहाई के लिए न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी।
नहीं मिलता शासन की योजनाओं का लाभ- टिकैत
राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसका जिम्मेदार प्रशासन है। उन्होंने कहा कि अभी किसानों को शासन की ओर से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन पटवारी द्वारा गांव में जाकर नुकसान का आंकलन तक नहीं किया गया। प्रशासन को इस बात का पता होने के बाद भी ऐसे लापरवाह पटवारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अखिल यादव व उनके साथी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पर्सनल बांड पर छोड़ा गया है। अभी मामले की विवेचना चल रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निधि केसरवानी, जिलाधिकारी, एटा।
भाकियू भानू का धरना-प्रदर्शन, अधिकारियों को बनाया बंधक
सड़क, बिजली, पानी के साथ-साथ किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को भाकियू भानू के प्रदेश कार्यालय इमलिया पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों का आंदोलन समाप्त कराने पहुंचे एसडीएम जलेसर संदीप गुप्ता, एसडीएम जसराना अमित सिंह और सीओ टूंडला प्रशांत कुमार को किसानों ने बंधक बनाकर वहीं बैठा लिया और उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक दोनों जिले के जिलाधिकारी विद्युत विभाग के एमडी नहीं आएंगे अधिकारियों को जाने नहीं दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक सभी अधिकारी वहीं बैठे थे।
भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानूप्रताप सिंह ने कहा कि स्थानीय तहसील स्तरीय प्रशासन द्वारा पिछले कई सालों से आश्वासन की घुट्टी पिलाई जाती रही है। जलेसर और टूंडला तहसील के सैकड़ों गांवों में खारे पानी के कारण ग्रामीण परेशान हैं। सरकार द्वारा पेयजल टंकी और पाइप लाइन डलवाई गई लेकिन ग्रामीणों को पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं नहरों और बंबे के साथ साथ निकले उप नालों में कई सालों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हुआ है। इस क्षेत्र की सड़कें जर्जर और गड्ढे में दिखाई देती हैं। बिजली विभाग द्वारा बिल ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र का वसूला जाता है आपूर्ति मात्र 8 से 10 घंटे नगरीय, पांच से छह ग्रामीण क्षेत्रों में दी जाती है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता श्योराज सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान दोनों जिलों के उच्चाधिकारी, विद्युत विभाग के एमडी धरनास्थल पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह ने कहा कि यदि उच्चाधिकारी आकर समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे तो टूंडला मार्ग को जाम कर दिया जाएगा।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता बरसाना के संत राधाचरन शर्मा और संचालन राजवीर सिंह रने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष खुर्शीद आलम, बुलंदशहर की महिला अध्यक्ष शोभारानी, राष्ट्रीय महासचिव हरीश ठेनुआ, पिंटू त्यागी, राजेश उपाध्याय, अनिल कौशिक, प्रदेश सचिव ओमकार सिंह यादव के अलावा जिल पंचायत सदस्य धर्मपाल आदि मौजूद थे।
उपजिलाधिकारी बोले, नहीं बनाया बंधक
प्रदर्शन के दौरान जलेसर के एसडीएम संदीप गुप्ता, जसराना के एसडीएम अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी टूंडला प्रशांत कुमार, एसडीओ बिजली कर्मवीर सिंह जलेसर सहित अन्य विभागों के अधिकारी पहुंचे और किसानों की समस्याओं को जानना चाहा। किसान नेताओं ने उन्हें बंधक बनाने का एलान मंच से किया। वहीं उपजिलाधिकारी संदीप गुप्ता ने कहा कि हमें बंधक नहीं बनाया गया था। किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोश जताया।