जिलाध्यक्ष पद पर नामांकन करने के बाद अब दावेदारों ने लखनऊ की ओर दाैड़ लगा दी है। सभी दावेदारों के अपने-अपने दावे हैं। अपने कार्यों से वह समझा रहे हैं कि उनकी स्थिति इस पद के लिए मजबूत है और कुर्सी के लिए उनकी उपयोगिता काफी है।
एटा में भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन किए जा चुके हैं। जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि 46 लोगों ने दावेदारी की हो। ऐसे में मुकाबला बहुत कड़ा हो गया है। नामांकन करने के बाद दावेदारों ने अब लखनऊ का रुख कर लिया है। अपने-अपने स्तर से संपर्क साधने में जुट गए हैं।
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छह साल बाद हो रहे चुनाव
इससे पहले पार्टी में 2019 में जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया। संदीप जैन जिलाध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 2023 में उनको दोबारा जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया गया था। इस तरह करीब छह साल बाद चुनाव प्रक्रिया कराई जा रही है। जिलाध्यक्ष बनने के लिए लोगों के अपने-अपने दावे हैं। अपने कार्यों से वह समझा रहे हैं कि उनकी स्थिति इस पद के लिए मजबूत है और कुर्सी के लिए उनकी उपयोगिता काफी है। इस बार चुनाव में दावेदारों के बीच किसी तरह का समन्वय बनाने की कोशिश नहीं की गई। जो भी इच्छुक पदाधिकारी व कार्यकर्ता है, सभी के नामांकन लिए गए हैं।
प्रदेश मुख्यालय से होगी घोषणा
यही वजह रही कि बृहस्पतिवार को जिला कार्यालय पर नामांकन प्रक्रिया में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। शहर ही नहीं, जिले भर से दावेदारों ने आकर अपने नामांकन जिला चुनाव अधिकारी को सौंपे। जनप्रतिनिधियों की राय के साथ ये सभी नाम पार्टी में प्रदेश मुख्यालय के सामने रखे जाएंगे। वहीं से नामों का पैनल तैयार होने के बाद घोषणा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में देरी नहीं होगी, मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी तक निर्णय ले लिया जाएगा। इसमें समय नहीं है, जिसे देखते हुए दावेदार लखनऊ में संपर्क जुटा रहे हैं।