एटा। माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षारत छात्र-छात्राओं की बायोमीट्रिक मशीन से 75 फीसदी हाजिरी होने पर ही छात्रवृत्ति के लिए पात्रता का दावा किया जा सकता है। चालू वर्ष में दशमोत्तर छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्र-छात्राओं की बायोमीट्रिक मशीन से ही हाजिरी लगानी होगी, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो छात्रवृत्ति रोक दी जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन राजकीय, अनुदानित, व मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों को करना होगा। तभी छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति लेने के हकदार होंगे। माध्यमिक विद्यालय, राजकीय महाविद्यालय, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, फार्मेसी और निजी शिक्षण संस्थानों पर भी यह नियम लागू किया गया है।