मनरेगा धांधलियों को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को हाईटेक किया जाएगा। श्रमिकों की फर्जी उपस्थित रोकने के लिए जहां इनकी बायोमैट्रिक उपस्थिति होगी। वहीं इसके लिए तैयार ‘मनरेगा सॉफ्ट एप्लीकेशन’ मोबाइल पर लोगों को संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा।
भारत सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को अब हाईटेक किया जा रहा है। अब यहां श्रमिकों की फर्जी उपस्थिति एवं अन्य फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। इतना ही नहीं योजना को पारदर्शी एवं मानकों के अनुरूप बनाने के लिए वांछित सूचनाएं विभाग द्वारा तैयार विशेष साफ्टवेयर पर उपलब्ध रहेंगी। इसे कभी भी संबंधित साइट पर देखा जा सकेगा।
सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशानुसार श्रमिकों की उपस्थित बायोमैट्रिक सिस्टम से की जाएगी। इसके लिए सरकार पंचायत स्तर पर टैबलेट उपलब्ध कराएगी। इसके लिए पूर्व में लखनऊ में अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। योजना को और पारदर्शी बनाने के लिए जॉब कार्ड धारकों को आधार कार्ड से लिंक करने की तैयारी है। ताकि श्रमिकों के बैंक एकाउंट को भी इससे जोड़ा जा सके। बताते चलें कि योजना पहले से ऑनलाइन हो चुकी है। साथ ही नई प्रस्तावित व्यवस्था गड़बड़ियां रोकने में सहायक होगी।
ये है बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मनेरगा श्रमिकों के लिए प्रस्तावित बायोमैट्रिक अटेंडेंस टैबलेट के माध्यम से फिंगर प्रिंट से की जाएगी। साफ्टवेयर में पूर्व में पड़े फिंगर प्रिंट इनका सत्यापन करेंगे। साथ ही मस्टरोल पर भी उपस्थित दर्ज की जाएगी। प्रथम चरण के लिए जनपद की कुछ पंचायतों का चयन किया जा रहा है।
ऐसी होती थी धंाधली
वर्तमान व्यवस्था में मनरेगा में श्रमिक उपस्थिति में जमकर हेराफेरी की शिकायतें हैं। आरोप है कि पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक की मिलीभगत से अपने परिचितों का फर्जी जॉब कार्ड बनवा लेते हैं। फर्जी जॉब कार्ड धारकों के नाम बिना काम पर आए ही दर्शाकर इनकी उपस्थित मस्टरोल पर दर्ज कर दी जाती है। इसी आधार पर श्रमिकों की मजदूरी इनके बैंक एकाउंट में पहुंचती है। लोगों की मानें तो इस फर्जीवाड़े के लिए प्रधान, पंचायत सचिव को शर्त के अनुसार 75 प्रतिशत राशि लौटा दी जाती है। जॉब कार्ड धारक को 25 प्रतिशत मिलता है।
नई हाईटेक व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। नई व्यवस्था से पूरी योजना जहां पारदर्शी होगी वहीं अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
- एनएन त्रिवेदी, उपायुक्त मनरेगा