एटा/अलीगंज। जिले में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छा रहे। ठंडी हवा चलने से मौसम में बदलाव हो गया। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह बारिश हुई। इससे सरसों व गेहूं में नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं अलीगंज तहसील क्षेत्र के नगला रघूपुरा गांव में बिजली गिरने से 9 बकरी मर गईं।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे शहर में रिमझिम बारिश होने से लोग सर्दी महसूस करते नजर आए। वहीं देहात क्षेत्र में अवागढ़ में सबसे ज्यादा बारिश हुई। अन्य जगहों पर भी कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। जिससे किसानों की खेत में कटी सरसों की फसल भीग गई। खराब मौसम की वजह से किसान परेशान हैं।थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव नगला रघूपुरा में रविवार दोपहर करीब दो बजे तेज आवाज के साथ बिजली ग्राम नगला रघूपुरा में गिरी। गांव के ग्रीशचंद्र की सात एवं दीप सिंह की दो बकरियां नेत्रपाल के खेत में चर रही थीं। बिजली गिरने से सभी नौ बकरियां वहीं मर गईं। थाना प्रभारी कृष्णकांत लोधी एवं राजस्व टीम मौके पर पहुंची। बकरियों का पोस्टमार्टम कराया गया।
बारिश से नुकसान के अलावा फायदा भी
अवागढ़। रविवार सुबह क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक लगातार बारिश हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस बारिश से फसलों में नुकसान के अलावा फायदा भी होगा। नमी और मौसम ठंडा होने से गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार होगी। जायद की फसलों की बुवाई एकसाथ हो जाएगी। खाली खेतों की जुताई आसानी से हो जाएगी तथा भूमि में उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। बाजरा, मक्का, मूंग, उर्द, मूंगफली, चारे की फसल, आम के बागों में बुवाई और पैदावार में बढ़ोतरी होगी। वहीं नुकसान की बात करें तो पकी तथा कटी सरसों की फसल में फली चटकने से 10 से 20 प्रतिशत तक हानि होगी। गेहूं की फसल यदि गिर जाती है तो 15 से 25 तक तक पैदावार कम होगी।
मौसम खराब होने से सरसों की फसल भीगने का भय बना हुआ है। अगर तेज बारिश होती है तो सारी मेहनत बेकार चली जाएगी। - मानेश कुमार, छछैना
बारिश होने की वजह से सरसों की फसल में नुकसान हो चुका है। अब इसे काटने के लिए करीब 15 दिन तक सुखाना पड़ेगा। - सुरेंद्र पाल, घुटलई
जिले में जगह-जगह बारिश होने की सूचना मिली है जहां पर अधिक बारिश हुई है वहां पर फसल खराब होने का आंकलन कराया जाएगा। - रोताश कुमार, उप कृषि निदेशक