सोमवार को मंडी समिति में आढतियों द्वारा की गई बंदी में पसरा सन्नाटा।
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एटा। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार से 26 सितंबर तक के लिए मंडी में विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर दी गई है। इसके चलते पहले दिन दो करोड़ के आसपास कारोबार प्रभावित रहा। इस दौरान आढ़तियों ने मंडी सचिव को एक ज्ञापन सौंपा।
केंद्र सरकार द्वारा मंडी के बाहर लगने वाले टैक्स को समाप्त कर दिया गया है। इसको लेकर आढ़तिये परेशान हैं उनका कहना है मंडी के अंदर लगने वाला ढाई फीसद टैक्स भी समाप्त किया जाए। इसी को लेकर 21 से 26 सितंबर तक मंडी में व्यापारियों द्वारा हड़ताल कर दी गई है। मंडी अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने बताया कि सोमवार को मंडी में हड़ताल की वजह से करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
वहीं आढ़तियों द्वारा मंडी अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में एक ज्ञापन मंडी सचिव को दिया गया। इसमें उन्होंने मांग की कि मंडी के बाहर शासन द्वारा जो टैक्स समाप्त किया गया है। उसको दोबारा लागू किया जाए। कहां आने वाले समय में अगर मंडी से टैक्स समाप्त नहीं किया गया तो यह लड़ाई आगे तक जाएगी।
किसान हुए परेशान
मंडी बंद होने के चलते वहां अपना अनाज बेचने आए किसान परेशान रहे। इस दौरान किसान व्यापारियों से अनुनय विनय करते नजर आए लेकिन व्यापारियों द्वारा अनाज लेने से मना कर दिया गया।
पल्लेदार भी रहे परेशान
आम दिनों में जब मंडी खुलती है तो एक सैकड़ा पल्लेदारों को मंडी में काम मिल जाता है। सोमवार को हड़ताल के चलते मंडी बंद रही इसके चलते पल्लेदार परेशान दिखे। वह काम के लिए भटकते रहे।