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बेरी आश्रम में बाबा की गला रेतकर हत्या

Thu, 01 Sep 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
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बेरी आश्रम में बाबा की गला रेतकर हत्या - फोटो : अमर उजाला
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बेरी आश्रम में बुधवार रात बदमाशाें ने बाबा की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। आश्रम की पहली मंजिल से लेकर खेत तक घसीटे जाने के निशान मिले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस और बाबा का कमंडल बरामद किया है। गुरुवार सुबह बाबा की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।  एएसपी ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को जल्द हत्याकांड के खुलासे का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीणों ने शव उठाने की इजाजत दी। पुलिस ने शव पीएम के लिए भेज मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने सटोरियों और बावरिया गिरोह पर शक जताया है।
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बेरी वाले आश्रम में संतानंद महराज (65) तीन दशक से रह रहे थे। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने आश्रम के समीप खेत में बाबा का लहूलुहान शव देखा तो सनसनी फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों भीड़ जमा हो गई। दो मंजिला आश्रम की पहली मंजिल से बाबा को घसीटे जाने के निशान मिले। इसके बाद बदमाशों ने धारदार हथियार से बाबा की गर्दन, हाथ और पेट पर वार कर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजने का प्रयास किया तो गुस्साए ग्रामीणाेें ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। ग्रामीण हत्याकांड के खुलासे की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एएसपी विसर्जन सिंह और सीओ डीएम गर्ब्याल ने ग्रामीणों को हत्या के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणाें ने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की इजाजत दी। सतानंद महराज की हत्या से ग्रामीणों में रोष है। पुलिस ने शव पीएम के लिए भेज हत्या की जांच शुरू कर दी है।

पहले भी सतानंद पर हो चुके जानलेवा हमला
क्वातगंज के ग्राम प्रधान बृजनंदन सिंह ने बताया कि बेरी बाले बाबा आश्रम पर सन 1984 से रहते थे। प्रसिद्ध बाबा सतानंद के पास दूर दराज से काफी संख्या में लोग अपनी मुरादें लेकर आते थे। ग्राम प्रधान की माने तो बाबा सतानंद पर दो बार पहले भी जानलेवा हमले हुए, लेकिन वे बच निकले। लेकिन इस बाद हत्यारे अपने मंसूबे पूरे करने में कामयाब हो गए।  
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हत्या की यह भी वजह होने की संभावना
मारहरा में कस्बे करीब छह स्थानों पर बडे़ पैमाने पर सट्टे की खाईबाड़ी होती है। सट्टेबाज बाबा के आश्रम पर सट्टे के लकी नंबर लेने आते थे और मना करने पर दबाव बनाते थे। इसके चलते बाबा सट्टेबाजों से परेशान थे और नंबर नहीं देने के कारण सट्टेबाज परेशान खफा थे। ग्रामीणों का आशंका है कि सट्टेबाजों या फिर बावरिया गिरोह इस प्रकार की निर्मम हत्या को अंजाम दे सकता है। ग्रामीणों ने लाखों रुपये की एक बीघा भूमि पर बने दो मंजिला आश्रम पर कब्जे के नियत से हत्या की आशंका जताई है।  
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