सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अप्रैल से हाईवे के किनारे स्थित शराब की दुकानों को 500 मीटर दूर करना है। इसे लेकर आबकारी विभाग परेशान है। हालांकि अंग्रेजी, देशी और बियर की 73 दुकाने चिंहित कर ली गई हैं, लेकिन सिर्फ 23 दुकानों को ही शिफ्ट करने की जगह मिल पाई है। अफसरों का मानना है कि दुकानें हटने से 40 करोड़ रुपये के सालाना राजस्व का नुकसान संभव है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिले में 73 दुकानें चिह्नित कर हाईवे से 500 दूर शिफ्ट करने के लिए जनवरी में नोटिस जारी कर दिए गए हैं। पर, करीब 50 दुकानों पर जगह की कमी के कारण बंदी की तलवार लटक रही है। बताया कि यदि एक अप्रैल तक दुकानें हाईवे से नहीं हटीं, तो उन्हें बंद करा दिया जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में शराब ठेके बंद होने पर आबकारी विभाग को सालाना 40 करोड़ रुपये के राजस्व की होनी होने की संभावना है। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल कराने के लिए विभागीय अधिकारियों के भी पसीने छूट रहे हैं। चिह्नित दुकानों में बियर बार, अंगेजी और देशी शराब के कई ठेके रसूखदारों के हैं। बता दें कि चिह्नित की गई दुकानों में 23 राष्ट्रीय राजमार्ग और 50 स्टेट हाईवे के किनारे चल रहीं हैं।
जिल में शराब ठेकों की संख्या
अंग्रेजी शराब के ठेके- 52
देशी शराब के ठेके- 186
बियर की दुकानें- 36
शिफ्ट होने वाले ठेके- 73