सकीट। एक ओर जहां कोरोना संक्रमण के डर और नियमों को बंदिश मान रहे हैं। तो तमाम जागरूक लोग समझदारी का भी परिचय दे रहे हैं। क्षेत्र के गांव चिलासनी में हुए एक विवाह कार्यक्रम में ऐसी ही जागरूकता दिखी। न बैंड-बाजा बजा और न बरात चढ़ी। केवल 15 लोगों की मौजूदगी में सादगी के साथ वैवाहिक रस्में अदा की गईं।
अवागढ़ क्षेत्र के गांव बरा भोड़ेला से महेश चंद्र के पुत्र कृष्णा की बरात यहां आई थी। शादी चिलासनी निवासी डॉ. वीरेंद्र सिंह की पुत्री गुंजन के साथ हुई। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन न हो और संक्रमण की आशंका न रहे इसलिए ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया गया। वर-वधु के अलावा माता-पिता और एक-दो खास लोग शामिल हुए। सभी लोगों ने मास्क लगाकर सैनिटाइजर आदि का भी प्रयोग किया। नवयुगल ने यह भी कहा कि हम लोगों ने संकल्प लिया है कि घर पहुंचकर हम दोनों हर वर्ष एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करेंगे। जिससे वे पेड़ बनकर पर्यावरण सुधार में मददगार बनें। संवाद