तहसील परिसर में मंगलवार को वकीलों ने हंगामा किया। इस दौरान वकीलों ने एसडीएम पर बार अध्यक्ष से अभद्रता करने का आरोप लगाया। साथ ही तहसीलदार को भी आचरण सुधारने की चेतावनी दी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीश्वरदयाल दुबे ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर एसडीएम से मुलाकात का समय मांगा, लेकिन एसडीएम ने अध्यक्ष और उनके साथ गये अधिवक्ताओं के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद आनन-फानन में बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसडीएम न्यायालय का तब तक बहिष्कार रहेगा जब तक एसडीएम सभागार में सभी अधिवक्ताओ के सामने अध्यक्ष से माफी नही मांगेंगे। बैठक में कुछ जूनियर अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ भी आवाज उठाई। एक अधिवक्ता ने बताया कि तहसीलदार भी बात-बात पर अधिवक्ताओं के अलावा वादकारियों से भी पागल शब्द का प्रयोग करते हैं और कभी-कभी तहसीलदार भद्दी-भद्दी गालियां देने लगते हैं। जिस पर अध्यक्ष ने कहा कि तहसीलदार को भी चेतावनी दी जाती है वह अपनी भाषा में सुधार नही लाए तो बार एसोसिएशन आंदोलन करने को बाध्य होगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता बलवीर सिंह यादव, प्रताप सिंह राठौर, प्रमोद कुमार मिश्रा, बासुदेव सिंह शाक्य, राकेश चंद्र दीक्षित, शिवपाल सिंह यादव सचिव, वेदप्रकाश यादव, मुकेश सक्सेना मौजूद रहे।