एटा। अभी तक एक जिला एक उत्पाद चर्चित रहा। अब एक जिला एक खेल योजना युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। खेलो इंडिया के तहत भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसका प्रमुख उद्देश्य खिलाड़ियों की नई पौध को एक विशेष खेल में पारंगत करना है। इसके तहत एटा में एथलेटिक्स का चयन किया गया है।
उत्तर प्रदेश में हर जिले को वहां की परिस्थितियों के मुताबिक एक विशेष खेल सौंपा गया है। साथ ही उसमें रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को पारंगत करने की जिम्मेदारी वहां के जिला स्तरीय खेल अधिकारियों को दी गई है। इसी के तहत एटा को एथलेटिक्स गेम को बढ़ावा देने के लिए चयनित किया गया है।
यहां के युवा दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, भाला फेंक, चक्का फेंक जैसे एथलेटिक्स गेम में ज्यादा रुचि रखते हैं। जिसको देखते हुए जनपद में इसको बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है। इसके लिए एथलेटिक्स के प्रशिक्षक हरिओम सिंह को खिलाड़ियों को तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही स्टेडियम में एथलेटिक्स के बेहतरीन उपकरण भी उपलब्ध कराना शुरू कर दिए गए हैं। संवाद
अंडर-14 के 30 खिलाड़ियों का चयन
एक जिला एक खेल योजना के तहत जिले के 70 खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया था। इनमें से अंडर 14 के 30 खिलाड़ियों को पूरे जिले से चुना गया है। इनमें 10 लड़कियां और 20 लड़के हैं। ये खिलाड़ी खेलो इंडिया स्कूल गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में प्रतिभाग करेंगे।
दूसरे जिलों में भी ले रहे प्रशिक्षण
एथलेटिक्स के लिए जिले के पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम के अलावा यहां के लगभग 40 से 45 युवा खिलाड़ी नजदीकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी सैफई और लखनऊ में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षक हरिओम सिंह को उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की तकनीकी टीम में शामिल किया गया है। वह जिले के युवा खिलाड़ियों को एथलेटिक्स में पारंगत करेंगे। - पूजा भट्ट, उप जिला क्रीड़ा अधिकारी