एटा। आंधी बारिश ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं कराया गया। इसकी वजह से किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है वह काफी मायूस हो रहे हैं। अब आकलन नहीं कराया जा रहा, ऐसे में मुआवजा मिलने की आस भी टूटती जा रही है।
पिछले दिनों जिले में भारी बारिश के साथ ही तेज हवाएं चली थीं। इसके कारण मौसम की मार किसानों को झेलनी पड़ी, काफी संख्या में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। किसान फसल का मुआवजा मिलने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन प्रशासनिक तौर से कोई टीम गठित नहीं की गई। इसकी वजह से आकलन भी नहीं कराया जा सका है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग के साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी टीम में शामिल रहते हैं। अब तक कोई प्रक्रियाएं नहीं अपनाए जाने से किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है, एक ओर कुदरत की मार झेलनी पड़ी है। वहीं दूसरी ओर शासन-प्रशासन की ओर से कोई आकलन नहीं कराया जा रहा। अगर नुकसान का आकलन नहीं किया जाएगा तो मुआवजा कैसे मिलेगा।
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गेहूं की फसल में हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान
आंधी-बारिश की वजह से जिले में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। किसानों की फसल पूरी तरह से जमीन पर चिपक गई है। ऐसे में उत्पादन में 50 से 70 फीसदी तक उत्पादन में कमी आएगी। इसको लेकर अब तक किसानों के हितों को लेकर प्रशासन की ओर से कोई रणनीति नहीं बनाई गई है। इसको लेकर किसान परेशान है।
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ है। अब तक कोई भी टीम गांव में फसल का आकलन करने के लिए नहीं आई है। ऐसे में मुआवजा कैसे मिलेगा। -जयवीर सिंह, सेंथरी
बारिश के साथ ही तेज हवाओं ने सरसों और गेहूं की फसल में बहुत नुकसान किया है। आस लगाए बैठे थे कि सरकार से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन अब तक आकलन नहीं कराया गया। -वेदवती, छछैना
जिले में बहुत ज्यादा नुकसान की संभावनाएं नहीं हैं। प्रशासन की ओर से राजस्व टीम के साथ आकलन का आदेश मिलेगा तो जरूर कराया जाएगा। अभी तक बीमा कंपनी अपने स्तर से जांच पड़ताल कर रही है। -डा. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी