करवा चौथ पर्व सुहागिनों ने उत्साह के साथ मनाया। सुहागिनों के द्वारा निर्जला उपवास रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना की गई। चांद का दीदार होते ही सुहागिनों के चेहरे खिल उठे।
पर्व को लेकर सुहागिनों में काफी उत्साह देखा गया। पर्व की दिन भर तैयारियां कीं। तरह-तरह के पकवान तैयार किए गए। नव विवाहिताओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
उनके द्वारा अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखा गया। शाम के समय सुहागिनों ने अपने को सोलह श्रंगारों से सजाया। सुहागिनों ने माता गौरी के समक्ष पूजा अर्चना की।
माता से अपने पति की लंबी आयु की कामना की। इसके बाद बायना मंसा गया। इस बायने के विवाहिता ने अपने ससुर, जेठ, सास व अन्य मान पक्ष को प्रदान किया। बायने के साथ में उपहार भी दिए गए।
इसके बाद चांद को अर्घ देकर उपवास तोड़ा गया। बुर्जुग महिलाएं नव विवाहिताओं को करवाचौथ उपवास को लेकर अपनाए जाने वाले नियमों के बारे में जानकारी देती देखी गयीं।