जलेसर (एटा)। मैक्स-टेंपो की टक्कर में मृत 36-आसाम रायफल्स के जवान अखिलेश यादव के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर पांच घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। उपजिलाधिकारी के आश्वासन पर परिजन और ग्रामीण माने। बाद में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। फौजी की शुक्रवार को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी।
गांव नगला गोपाल, नगला बरेसरा निवासी जवान अखिलेश नागालैंड के जनपद पिरेन के जंगली इलाके जैलुकी में तैनात थे। गत 28 अक्टूबर को 40 दिन के अवकाश पर गांव आए थे। गत शुक्रवार की सायं एटा में मकान निर्माण कार्य को देखने जा रहे थे। लहरा गांव पर टेंपो एवं मैैक्स की भिड़ंत में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जवान की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव से सैकड़ों लोग घटना स्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंची इलाका पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों को सौंप दिया। शनिवार को शव गांव पहुंचा तो जवान को अंतिम सलामी देने गांव उमड़ पड़ा।
जवान के हैं तीन बच्चे
सड़क दुर्घटना में मृत जवान अखिलेश यादव के तीन बच्चे है। सबसे बड़ी बेटी 10 वर्ष, दूसरी बेटी छह वर्ष एवं बेटा साढ़े चार वर्ष का है।
जवानों ने दी अन्तिम सलामी
सड़क हादसे के शिकार जवान अलखेश को आगरा से आये नायब सूबेदार ज्योति रंजन सिंह, हवलदार रामेश्वर दयाल, सीएफएन जयप्रकाश, जयानंद, मुत्थू ने सलामी दी।
अंतिम संस्कार में पहुंचे
सड़क हादसे के शिकार अखिलेश के अंतिम संस्कार में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार, क्षेत्राधिकारी पुलिस गुरुदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी एमएस भाटी, पूर्व विधायक रणजीत सुमन, ब्लाक प्रमुख लालकान्त यादव, प्रदीप यादव, निरंजन सिंह यादव, रामकिशन यादव, रमेश यादव फोजी, धर्मेंद्र यादव, बबलू यादव आदि शामिल हुए।
शहीद स्थल के लिए जमीन की मांग
असम रायफल्स के जवान अखिलेश के अंतिम संस्कार हेतु परिजनों ने ग्राम ेसमाज की जमीन उपलब्ध कराने एवं प्रदेश सरकार से फोरी आर्थिक सहायता की मांग करते हुए शव को अंतिम संस्कार पांच घंटे तक रोके रखा। तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी के समझाने पर नहीं ग्रामीण नहीं माने और जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार ने ग्रामीणों एवं परिजनों को आश्वस्त किया कि ग्राम पंचायत में कोई जमीन नहीं है। न्याय पंचायत में उपलब्ध जमीन और परिजनों को आर्थिक सहायता के लिये मुख्यमंत्री को संस्तुति पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद ही ग्रामीण एवं परिजन माने।