एटा। इस बार एटा संसदीय क्षेत्र पर भाजपा में टिकट के लिए जंग छिड़ गई है। इसमें पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता कूद पड़े हैं। पूर्व में विधायक और एमएलसी सहित जिलाध्यक्ष रह चुके सुधाकर वर्मा ने शहर में बधाई संदेश के अपने होर्डिंग लगवा दिए हैं। इनके अलावा दावेदारों की सूची में और नाम बताए जा रहे हैं। जिसे लेकर इस बार टिकट की जंग कड़ी नजर आ रही है।
एटा लोकसभा सीट पर 2009 और 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह को निर्विरोध रूप से टिकट मिला था। उन्होंने जीत भी दर्ज की। कल्याण सिंह के नाम और उनके राजनीतिक कद के आगे अन्य लोग टिकट मांगने की हिम्मत नहीं जुटा पाए, लेकिन इस बार परिस्थितियां काफी बदली हुई हैं। कुछ दिन पहले डिबाई की पूर्व विधायक डॉ. अनीता लोधी ने एटा सहित कासगंज में अपने होर्डिंग लगवाकर सनसनी पैदा कर दी थी। टिकट के लिए पार्टी में आवेदन कर जनसंपर्क भी शुरू कर दिया। जिसे लेकर दो खेमों के बीच कासगंज में टकराव तक हो गया। यह अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ, अब पार्टी के ही वरिष्ठ नेता सुधाकर वर्मा ने टिकट के लिए दावेदारी ठोंक दी है।
शहर में कई स्थानों पर उनके वसंत पंचमी, होली के शुभकामना संदेश वाले होर्डिंग नजर आ रहे हैं। इसमें एटा लोकसभा क्षेत्र के लोगों को विशेष रूप से इंगित किया गया है। जो सीधे तौर पर जता रहा है कि वह इस सीट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। वह 1991 में निधौली कलां विधानसभा सीट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। जबकि 2004 में एटा-मथुरा-मैनपुरी क्षेत्र से एमएलसी चुने गए। 1993 में सपा प्रमुख मुलायम सिंह के समक्ष निधौली कलां सीट पर चुनाव लड़ चके हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।
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मैंने पार्टी में काफी पहले आवेदन कर दिया था। करीब 15 साल से चुनाव या अन्य कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिली है। इस बार टिकट की मांग कर रहे हैं। - सुधाकर वर्मा, पूर्व एमएलसी