आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते जेई जितेंद्र सिंह। संवाद
मिरहची। बिजली विभाग की लापरवाही से उपजा गुस्सा बुधवार को आखिरकार फूट पड़ा। एक महीने से जारी भीषण कटौती और उमस भरी गर्मी से बेहाल ग्रामीणों ने बिजली घर का घेराव कर एसडीओ और जेई को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार सिर्फ अघोषित कटौती और छलावे के वादे कर रहे हैं।
कस्बे सहित देहात क्षेत्र के नगला भूड़, बढ़ौली, रसूलपुर गढ़ौली, सिहौरा समेत कई गांवों के किसान, व्यापारी और युवा बुधवार को बिजली घर पर पहुंच गए। यहां आक्रोशित लोगों ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए उनको बंधक बना लिया। बिजली घर का घेराव कर एसडीओ-जेई को बंंधक बनाने की खबर पर थाना पुलिस में हलचल मच गई। पुलिस के पहुंचने पर किसान नेता अंकित शर्मा ने कहा बमुश्किल दस घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। टुकड़ों में मिलने वाली आपूर्ति से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उमस और गर्मी से बच्चे-महिलाएं और बुजुर्ग बेहाल हैं।
बेहिसाब बिजली कटौती से न दिन में चैन है और न रात को लोग सुकून से सो पा रहे हैं। करीब दो घंटे के बाद लोगों के समझाने पर ग्रामीणों ने एसडीओ और जेई को मुक्त किया। घेराव करने वालों में सुमंत साहू, सभासद योगेश लोधी, चिंटू उपाध्याय, जगवीर पुंढीर, अनिल यादव, शिवम बघेल, हेमंत राघव, कल्लू साहू, कमल साहू, शैलेष, करन गांधी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। एसडीओ विजय गुप्ता का कहना है कि मिरहची क्षेत्र में कटौती मुक्त बिजली की सप्लाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।