पुस्तकालय और पार्क का जीर्णोद्धार दो साल पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने कराया था। उनके जिले से स्थानांतरण हो जाने के बाद से यहां अव्यवस्थाएं हावी हैं। बच्चों के लिए लगे झूले टूटे हैं और पार्क में लगाई गई सोलर लाइट, बैट्री गायब है। बिना देखरेख के पार्क और पुस्तकालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से पुस्तकालय परिसर में बना विश्राम स्थल आज कल पशुओं की आरामगाह बनता जा रहा है। अमीर खुसरो के नाम से बने पुस्तकालय और पार्क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। नगर के खालिद पहलवान, डा. शाहजेब हुसैन, आदित्य वार्ष्णेय, डा. इमरान, राजेश भारद्वाज, डा. अरविंद कुमार, डा. विकास विश्वास, आमीन कुरैशी, मोहम्मद अकरम कुरेशी ने प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्थाओं को फिर से चाक चौबंद करने की मांग की है।
पुस्तविहीन है अमीर खुसरो पुस्तकालय
विश्व विख्यात तबला और सितार के अविष्कारक हजरत अमीर खुसरो के नाम से पुस्तकालय तो बनवा दिया लेकिन आज तक उनका साहित्य जुटाने की किसी भी सामाजिक संस्था या प्रशासनिक स्तर से कोई पहल नहीं की गई। तारिक अली फारूकी, आदिल अली, मास्टर सज्जाद हुसैन ने उनके साहित्य को पुस्तकालय में रखने की मांग की, जिससे यहां पहुंचने वाले पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकें मिल सकें।