एटा। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ योग को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। योग से विद्यार्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ ही एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन में भी सुधार होता है। ऐसे में जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से योगाभ्यास कराने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यालयों में प्रार्थना सभा या खेलकूद की गतिविधियों के दौरान योग की विभिन्न क्रियाएं कराई जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से बच्चों में अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है। लंबे समय तक पढ़ाई के दौरान होने वाली थकान और तनाव को कम करने में भी योग सहायक है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी ने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी करना है। सभी विद्यालयों में बच्चों को उनकी उम्र और क्षमता के अनुरूप नियमित योगाभ्यास के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया जा रहा है।