मुआवजा राशि देने के नाम पर किए गए भेदभाव और लेखपाल द्वारा मांगी जा रही रिश्वत के विरोध में सोमवार को किसानों ने बसपा के नेतृत्व में सदर तहसील में प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम को शिकायत पत्र सौंप लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता किसानों ने कहा कि गांव लभैटा में किसानों को मुआवजा देने के नाम पर भेदभाव किया गया। लेखपाल ने विशेष जाति के लोगों को रिश्वत लेकर उचित मुआवजा दिलवा दिया। जबकि जिन किसानों ने रिश्वत नहीं दी, उन किसानों को मुआवजा तो दूर सूची तक नहीं दिखाई है। किसानों का आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने किसानों के साथ भेदभाव किया, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने एसडीएम अजीत कुमार सिंह को शिकायत करते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत करने वालों में बसपा नेता गजेंद्र सिंह चौहान, शैलेंद्र, अवधनारायण, जितेंद्र, विजेंद्र, वीरेंद्र, देवेंद्र, लालमन, मटरू सिंह, सुभाष चंद्र, राजवीर सिंह, ओमकार आदि शामिल थे।
ओलावृष्टि, सूखा राहत का पैसा किसानों को दिलाया जाए
भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी की बैठक कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर हुई। एसडीएम को ज्ञापन सौंप समस्या निस्तारण की मांग की। किसानों ने कहा कि केंद्र, प्रदेश सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की मांगें थी कि गदनपुर फीडर पर बावसा फीडर अलग बनाया जाए, किसानों को ओलावृष्टि, अति वृष्टि आदि का मुआवजा नहीं मिला है, उसे दिलाया जाए, सूखा राहत 2014 का पैसा भी किसानों को नहीं मिला उसे भी दिलाया जाए। केसीसी कार्ड होने के बाद भी किसानों को बीमा नहीं दिया जा रहा है, जिसे दिलवाया जाए। किसानों ने जल्द निस्तारण की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया। बैठक की अध्यक्षता द्वारिका प्रसाद एवं संचालन आरपी सिंह ने किया। बैठक में प्रदेश महासचिव जंट सिंह यादव, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश, जयपाल सिंह, आरपी सिंह, रामगोपाल, महेश चंद्र, सूरतराम, लटूरी सिंह, जुगेश सिंह आदि मौजूद रहे।