एटा। स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण पत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय पहुंचे आवेदक ने बाबू पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। रुपये न देने पर आवेदन फाड़ देने की बात कही। हालांकि बाद में आवेदक का प्रमाणपत्र बनाया गया।
गांव कुसाड़ी निवासी विपिन मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में अपने पिता के साथ स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचा। विपिन ने बताया उसकी हरियाणा में प्राइवेट कंपनी में नौकरी लग गई है। उसमें स्वास्थ्य प्रमाणपत्र मांगा गया है। कार्यालय के बाबू से फार्म लिया और भरकर बाबू के पास लेकर गए। वहां 200 रुपये मांगे, रुपये न देने पर उसने फार्म फाड़ दिया। इस पर पिता पुत्र की बाबू से कहासुनी होने लगी। मामला सीएमओ के पास पहुंचा।
बाबू ने बताया फार्म लेने के दौरान आवेदक के न छोड़ने पर वह फट गया। सीएमओ ने फटकार लगाई और तत्काल प्रमाणपत्र बनाने को कहा। इसके बाद प्रमाणपत्र बनाया गया। मामले में सीएमओ डॉ.उमेश त्रिपाठी ने बताया आवेदक का आरोप गलत है। प्रमाण पत्र बनवाने का कोई रुपये नहीं लिया जाता है।