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अलीगंज जहरीली शराब से हुई मौतों पर सपा सरकार को घेरा

Fri, 16 Dec 2016 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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भाजपा की परिवर्तन यात्रा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने भाषण के तरकश से विरोधियों पर खूब तीर छोड़े। भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था को मुद्दों को उठाया तो केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताते हुए नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और 91 योजनाओं को गिनाया। अलीगंज में जहरीली शराब से हुईं मौतों का मामला उठाकर लोगों की नब्ज पर भी हाथ रखने की कोशिश की। साथ ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर युवाओं को गृह जनपद में नौकरी देने का वादा कर युवा वर्ग को लुभाने का प्रयास भी किया।
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रामलीला मैदान में  चालीस मिनट के अपने भाषण की शुरूआत अमित शाह ने कल्याण सिंह सरकार की उपलब्धियां गिनाने से शुरू की और सपा, बसपा और कांग्रेस को निशाने पर रखा।  उन्होंने कहा कि बुआ-भतीजे ने 14 साल प्रदेश को लूटा है। उन्होंने कहा कि एचटी लाइनों से सीधे घरों में बिजली नहीं आती। इसके लिए ट्रांसफार्मर और डीपी लगाने के बाद केबिल खींचने बाद बिजली घर में जलती है, लेकिन लखनऊ में बैठा ट्रांसफार्मर जल चुका है। अब ट्रांसफार्मर (सरकार) बदलने की बारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के विकास पर कुंडली मारे बैठे नागनाथ (सपा) और (सांपनाथ) बसपा को हटाकर देश का सबसे विकसित प्रदेश बनाने का सपना देख रहे हैं।
अमित शाह के साथ मंच पर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भइया, फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत, सासद रमेश विधूड़ी, जिप्र सुनील टंडन, नागेंद्र दुबे गामा, प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, बीएल वर्मा बृज क्षेत्र अध्यक्ष, अमांपुर विधायक ममतेश शाक्य, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एसपी सिंह बघेल, भूपेंद्र सिंह, रजेपाल सिंह चौहान पूर्व वि, पंकज चौहान, भानू प्रताप सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, पूर्णेंद्र सोलंकी मौजूद रहे।
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चुनाव के रोड मैप में युवाओं पर भाजपा का फोकस
एटा (ब्यूरो)। लोकसभा चुनाव 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युवाओं का सबसे ज्यादा समर्थन मिला। भाजपा युवा समर्थन को विस चुनाव में भी किसी भी लिहाज से गंवाना नहीं चाहती। इसीलिए पार्टी ने विस चुनाव के रोडमैप में युवाओं पर ज्यादा फोकस किया। परिवर्तन महारैली के दौरान जैसे ही अमित शाह ने युवाओं को गृहजनपद में नौकरी देने की बात कहीं, तो नारे गूंजने लगे। उन्होंने अपनी दो से तीन लाइनों में हर स्थानीय मुद्दे का जिक्र किया। हालांकि अलीगंज के जहरीली शराब कांड के मुद्दे पर उनकी जुबान फिसली और वे मृतकों की संख्या 100 बोल गए।
विवादित मुद्दों पर साधी चुप्पी
अमित शाह और भाजपा के अन्य नेताओं ने भाषण के दौरान विवादित मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की। परिवर्तन महारैली में तीन तलाक, अयोध्या राम मंदिर जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कोई भाषण नहीं दिया गया। आधे घंटे तक मंच पर खाली बैठे रहे अमित शाह ने स्थानीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं से बात तक नहीं की।
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