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सावधान : जिले में सुबह से दोपहर तक हवा हो रही प्रदूषित

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गेहूं का थ्रेसरिंग करने के दौरान उड़ते धूल के कण। - फोटो : ETAH
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एटा। लॉकडाउन में वायु प्रदूषण भले ही कंट्रोल में हो पर ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। सुबह के समय इसमें जबरदस्त इजाफा हो रहा है। जिले में सुबह से दोपहर तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 425 और शाम को गिरकर 61 पर पहुंच रहा है। जानकारों का मानना है कि गेेहूं की कटाई और थ्रेसिंग से उड़ रहे भूसा के कण वायुमंडल में फैल रहे हैं। इससे सूचकांक में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, शाम को इसमें गिरावट आ रही है।
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किसान सुबह से ही खेतों पर कंबाइन और थ्रेसर चलाना शुरू कर देते हैं। इससे वायु प्रदूषण में एकाएक उछाल आ जाता है। बृहस्पतिवार को जिले में एक्यूआई दोपहर 12 बजे तक 424 के खतरनाक स्तर को दर्शा रहा था। हालांकि इसमें तेजी से गिरावट हुई और सायंकाल छह बजे 61 पर आ टिका। गेहूं की कटाई से पूर्व पांच अप्रैल को वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 के स्तर पर रहा, जिसे पर्यावरण की दृष्टि से उत्तम मनाया गया है।
चिकित्सक बोले-ज्यादा गंभीर बात नहीं
वाहनों के प्रदूषण में कार्बन से अस्थमा और कैंसर की संभावनाएं बढ़ती हैं। गेहूं कटाई से होने वाले प्रदूषण में हवा में भूसा के अंश रह जाते हैं। इससे घबराने की बात नहीं है। लोग वर्तमान में मास्क लगा रहे हैं। इसलिए केवल खांसी, एलर्जी या फिर सांस फूलने की समस्या आएगी जो गंभीर बात नहीं है।
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-डॉ. सीएल यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी
लॉकडाउन के कारण प्रदूषण में आई कमी आई
लॉकडाउन की वहज से वायु प्रदूषण में बहुत कमी आई है। जहां तक वायु गुणवत्ता सूचकांक गेहूं की कटाई से बढ़ने की है तो गेहूं की कटाई से हवा में कण तो फैलते हैं, लेकिन वह जल्द ही जमीन पर बैठ जाते हैं। इसलिए इससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना ज्यादा नहीं है।
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-रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अलीगढ़।
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