एटा शहर नगर पालिका सीट पर जीत हासिल करने के बाद प्रमाण पत्र लेंती भाजपा नेत्री सुधा गुप्ता
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उत्तर प्रदेश के एटा में दस साल से एटा नगर पालिका में चल रही गांधी की आंधी इस बार थम गई। अब यहां भगवा सरकार बन गई है। भाजपा की सुधा गुप्ता ने ... वोट हासिल कर जीत दर्ज कराई है। उनका मुकाबला सपा की मुन्नी बेगम से रहा। जबकि निर्दलीय मीरा गांधी तीसरे स्थान पर पहुंच गईं।
मतगणना के लिए मंडी समिति में सभी इंतजाम एक दिन पहले ही पूरी कर लिए गए थे। सुबह 7 बजे से कार्मिकों, मतगणना एजेंट आदि का पहुंचना शुरू हो गया। इसके साथ ही सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती के साथ मतगणना शुरू कराई गई। बाद में स्ट्रांग रूम से मतपेटिकाएं चरणवार बाहर लाई गईं। एटा नगर पालिका के अध्यक्ष पद की मतगणना के लिए 20 टेबिल लगाई गई थीं।
पूर्व चेयरमैन ने दूसरे चक्र के बाद स्वीकार ली हार
डाक मतपत्रों की गिनती में सपा की मुन्नी बेगम आगे रहीं। जबकि मतपेटिकाओं से मतों की गिनती के दौरान पहले चक्र से ही भाजपा ने बढ़त बना ली। लगातार बढ़त का आंकड़ा और बढ़ता गया। किसी भी चक्र में अन्य कोई प्रत्याशी आगे नहीं निकल पाया। वहां मौजूद निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गांधी के पति पूर्व चेयरमैन राकेश गांधी ने दूसरे चक्र के बाद हार स्वीकार ली। वह 2012 और उनकी पत्नी 2017 में अध्यक्ष बनी थीं।
विजयी घोषित कर जीत का प्रमाण-पत्र दिया गया
इसके बाद मुकाबला भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के बीच चलता रहा। इस बीच साइकिल खूब दौड़ी, लेकिन कमल की रफ्तार का सामना नहीं कर पाई। हर चक्र में उसके पीछे-पीछे ही चलती रही। अंत में सभी छह चक्र के बाद सुधा गुप्ता ने उन्हें ... मत से हरा दिया। इसके साथ ही उन्हें विजयी घोषित कर जीत का प्रमाण-पत्र दे दिया गया। मुन्नी बेगम को ... और मीरा गांधी को ... मत मिले।
भाजपा के लिए कसक बनी थी यह सीट, झोंक दी थी पूरी ताकत
जिला मुख्यालय की यह सीट छह साल से भाजपा के लिए कसक बनी हुई थी। 2017 में चुनाव के समय सूबे में भाजपा की सरकार और जिले में चारों विधायक भी भाजपा के थे। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी हार गईं और निर्दलीय मीरा गांधी जीतीं। यही वजह थी कि इस बार चुनाव में भाजपा ने इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी आकर यहां चुनावी सभा की थी।