एटा। नगर पालिका में एक के बाद एक नए कारनामे सामने आ रहे हैं। हाल ही में किराना बाजार में जहां 3 दुकानों को बिना किसी नीलामी प्रक्रिया के एक व्यापारी को कब्जा देकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वहीं अब 6 और दुकानों की फाइलें भी तैयार करा ली गई हैं। जो इसी तरह गुपचुप ढंग से पास कराने की तैयारी है।
पालिका में भ्रष्टाचार के पर्याय बने कर्मचारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है। सूत्रों के मुताबिक शहर के प्रमुख बाजारों में बिना किसी नीलामी प्रक्रिया के मोटी रकम लेकर दुकानों पर अवैध रूप से कब्जा दिलाया जा रहा है। जिसकी वजह से ये कारनामे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। पिछले दिनों शहर के प्रमुख किराना बाजार में एक व्यापारी को नगर पालिका के एक कर्मचारी ने बिना किसी नीलामी और आवंटन प्रक्रिया के 3 दुकान पर कब्जा दिलवा दिया। उसके बाद वहां निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया। किसी को पता न चल जाए इसलिए दुकान में निर्माण कार्य बहुत ही तेजी के साथ किया गया।
भ्रष्टाचार यहीं नहीं रुक गया। अब इसी बाजार में 6 और दुकानों के सौदेबाजी कर ली गई है। जिसके बाद इनके आवंटन की फाइलें भी तैयार कर ली गई हैं। पालिका का एक कर्मचारी इस पूरे खेल में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जबकि सौदेबाजी कराने वाले एक व्यापारी का कहना है कि हर दुकान का हिसाब-किताब नगर पालिका तक पहुंचता है। इसलिए इस मामले में कुछ होने वाला नहीं है। जल्द ही इन छह दुकानों पर भी नए सिरे से निर्माण करा लिया जाएगा।
नहीं कराया जा सकता है पुनर्निर्माण
नियमानुसार पालिका की संपत्तियों में कोई भी किराएदार किसी तरह का पुननिर्माण या निर्माण में बदलाव नहीं कर सकता है। यह पालिका की ही सहमति के बाद हो सकता है।
सभी संपत्तियों के अभिलेख दिखवाए जा रहे हैं। किसी भी संपत्ति में गड़बड़ी या राजस्व का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। - सुधा गुप्ता, पालिकाध्यक्ष