जलेसर। ई-रजिस्ट्री की नई व्यवस्था शुरु होने पर आर्थिक संकट पैदा होने की आशंका पर अधिवक्ताओं में उबाल है। ई-रजिस्ट्री सेवा के विरोध में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल कर दी है। अधिवक्ताओं के हड़ताल करने से वादकारी परेशान हैं।
गुस्साए अधिवक्ताओं ने बुधवार को भी तहसील में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम पीयुष रावत को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन में सरकार के इस फैसले को वापस लिए जाने को कहा है। इससे पहले भी अधिवक्ता कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। सोमवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए तहसील में तालाबंदी की थी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश्वर सिंह यादव ने कहा नई व्यवस्था से अधिवक्ता बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से फैसले को वापस न लिए जाने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में रामप्रकाश सिंह, सुनील दीक्षित, विजय सिंह, रमेश पाल सिंह, रामनरेश यादव, दयाराम यादव, संजीव पचौरी सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
बैनामा लेखक, टाइपिस्ट, स्टांप विक्रेता भी कार्य से विरत
अलीगंज। सरकार की ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, बैनामा लेखक, टाइपिस्ट, स्टांप विक्रेता सभी हड़ताल पर हैं। अधिवक्ताओं के साथ तहसील से जुड़े सभी लोगों ने बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। लगातार दूसरे दिन हड़ताल से तहसील का काम काम पूरी तरह ठप होने से लोग परेशान हैं। बार एसोसिएशन के सचिव वेदप्रकाश यादव ने कहा ई-रजिस्ट्री के लागू होने से तहसील से जुड़े सभी लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। प्रदर्शन करते हुए एसडीएम जगमोहन गुप्ता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शन करने वालों में केपी सिंह, शिवांक दुबे, राहुल रतन, महिपाल सिंह, राजीव चौहान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और बैनामा लेखक मौजूद रहे।
जलेसर तहसील में ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली के विरोध में ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। संवाद