एटा। संस्थागत प्रसव पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए योजनाएं भी संचालित हैं। प्रसूता को नाश्ता के साथ भोजन सरकारी अस्पतालों में दिया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में बीते वर्ष से वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रसव कम हुए। मामले में सीएमओ ने तीन सीएचसी प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्ट दी है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया जिले में 78 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रसव कराए जाते हैं। बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को 26440 प्रसव कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष जिले में 20880 प्रसव कराए गए। वहीं वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले में 21175 प्रसव हुए थे। उसके सापेक्ष 283 प्रसव वित्तीय वर्ष 2024-25 में कम हुए। इसकी समीक्षा की गई। सकीट, निधौली कलां व जलेसर में प्रसव कम होना पाया गया। इसी को लेकर तीनों सीएचसी के अधीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई है।