एटा। होली का त्योहार नजदीक आ गया है, ऐसे में दूध की मांग बढ़ गई है। इसकी पूर्ति के लिए मिलावट का खेल जमकर चल रहा है। आलम यह है मिलावटी दूध और मावा शुद्ध बताकर बाजार में मुंहमांगे दामों पर बेचा जा रहा है।
सहकारी दूध संघ की पराग डेयरी की दशा खराब होने से वह जिले में बंद हो चुकी। निजी कंपनियों की मनमानी के चलते दुग्ध उत्पादों का पशुपालन से मोह भंग होने लगा है। अधिकांश बाजार पर निजी दूध कंपनियों ने कब्जा कर रखा है। त्योहार पर सभी जगह मांग दो से तीन गुना बढ़ जाती है। इसलिए निजी कंपनियां आपूर्ति में अधिक वृद्धि नहीं कर पाती हैं।
जाहिर है कि बची हुई मांग को पूरा करने में मिलावटी और नकली दूध बनाने बालों की बल्ले-बल्ले हो रही है। दूध के अलावा मिलावट से तैयार खोवा बाजार में आने लगा है।