अवागढ़ (एटा)। ट्रक में सवार होकर लौट रहे प्रवासी मजदूर मध्य प्रदेश में हादसे का शिकार हो गए। इनमें एटा के भी दो मजदूर थे। रविवार की सुबह जब इनके शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी लोगों को ख्याल नहीं रहा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने दोनों मजदूरों की विधवाओं को पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता दी गई।
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिला में अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव हिनौना निवासी दर्जन भर मजदूर मार्च में मजदूरी करने गए थे। लॉकडाउन होने के बाद प्रवासी मजदूर वहीं फंस गए। इनमें योगेश, टीटू, रीतेश, निहाल सिंह व उदयवीर, डोरी लाल, रनवीर और रनवीर का बहनोई नेमसिंह पैदल ही आठ मई को हैदराबाद पहुंचे और यहां से ट्रक में छिपकर झांसी के लिए रवाना हुए।
मप्र के जिला नरसिंहपुर थाना मुंगवानी क्षेत्र के गांव खापा के पास सब्जी से भरा ट्रक पलट गया। हादसे में रनवीर सिंह और निहाल सिंह की मौत हो गई, जबकि अन्य साथी घायल हो गए। तीनों के शव का पोस्टमार्टम वहीं कराया गया है। घायल योगेश ने बताया गया कि क्षेत्रीय विधायक से वार्ता के बाद देर सायं प्रशासन ने एंबुलेंस उपलब्ध कराई। सुबह सात बजे जब ग्राम हिनौना निवासी निहाल सिंह व रनवीर के शव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया।